लखनऊ, 24 मार्च 2026:
यूपी में जमीन के उपयोग (लैंड यूज) परिवर्तन की जटिल प्रक्रिया अब इतिहास बनने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा-80 में संशोधन के लिए अध्यादेश को मंजूरी दे दी गई है। इससे आमजन और निवेशकों को बड़ी राहत मिलेगी।
नए प्रावधान के तहत विकास प्राधिकरणों, औद्योगिक विकास प्राधिकरणों, विनियमित क्षेत्रों और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में अब अलग से लैंड यूज बदलवाने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि किसी भूखंड का नक्शा संबंधित प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत हो जाता है तो उसे ही भूमि उपयोग परिवर्तन माना जाएगा।
अब तक लोगों को दोहरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। पहले लैंड यूज परिवर्तन और फिर नक्शा पास कराना जिसमें समय, धन और ऊर्जा की अधिक खपत होती थी। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के अनुसार नई व्यवस्था में सभी औपचारिकताएं नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया में ही समाहित कर दी गई हैं।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही निवेशकों के लिए प्रक्रियाएं सरल और पारदर्शी होंगी। इससे उद्योगों की स्थापना में तेजी आएगी। यह सुधार उत्तर प्रदेश को औद्योगिक विकास के नए आयाम देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






