लखनऊ, 27 मार्च 2026:
यूपी में बच्चों के संरक्षण, देखभाल और उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए संचालित मिशन वात्सल्य योजना ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। यह योजना बेसहारा और जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही उन्हें परिवार, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ा रही है।
प्रदेश के सभी 75 जिलों में दत्तक ग्रहण व्यवस्था को मजबूत करते हुए विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण संचालित किए जा रहे हैं। वर्ष 2017-18 से अब तक 1,962 बच्चों को दत्तक ग्रहण के माध्यम से नया परिवार मिला है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 306 बच्चों को गोद लेकर उनका सफल पुनर्वास किया गया है।
इस योजना के तहत स्पॉन्सरशिप और फॉस्टर केयर कार्यक्रम भी प्रभावी ढंग से लागू किए जा रहे हैं। पिछले वर्ष से अब तक 42,776 बच्चों को आर्थिक सहायता (स्पॉन्सरशिप) का लाभ मिला जबकि 11 बच्चों को फॉस्टर केयर के तहत सहयोग प्रदान किया गया है। यह पहल उन बच्चों के लिए विशेष रूप से मददगार साबित हो रही जिन्हें पारिवारिक सहयोग की जरूरत है।
पिछले पांच वर्षों में 1,03,350 से अधिक बच्चों को उनके माता-पिता या अभिभावकों से मिलाया जाना इस योजना की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि सरकार बच्चों को संस्थागत देखभाल से अधिक पारिवारिक माहौल देने पर जोर दे रही है।
राज्य में किशोर न्याय अधिनियम के तहत 60 राजकीय बाल देखरेख संस्थाएं संचालित हैं। इनमें बच्चों को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा और बेहतर जीवन के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही आधुनिक तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मिशन वात्सल्य के तहत अब तक 5,000 से अधिक किशोर-किशोरियों और महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इससे वे रोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। मिशन वात्सल्य योजना प्रदेश में बाल कल्याण की दिशा में एक मजबूत पहल बनकर उभरी है। यह हजारों बच्चों के जीवन को नई दिशा देने के साथ सुरक्षित और सशक्त भविष्य की नींव रख रही है।






