नोयडा/लखनऊ, 29 मार्च 2026:
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यूपी में कनेक्टिविटी, पर्यटन, निवेश और औद्योगिक विकास का एक नया दौर शुरू होने जा रहा है। यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे विकसित यह अत्याधुनिक एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने के साथ पूरे उत्तर भारत के आर्थिक और पर्यटन परिदृश्य को नई दिशा देगा।
यह एयरपोर्ट आगरा, मथुरा-वृंदावन और फतेहपुर सीकरी जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को सीधे वैश्विक मानचित्र से जोड़ेगा। अब विदेशी पर्यटकों को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जेवर एयरपोर्ट से यमुना एक्सप्रेस-वे के जरिए आगरा और फतेहपुर सीकरी महज 1.5 से 2 घंटे में, जबकि मथुरा-वृंदावन करीब 90 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।
नोएडा एयरपोर्ट के संचालन से ‘गोल्डन ट्रायंगल’ दिल्ली, आगरा और जयपुर का आकर्षण और बढ़ेगा। इससे विदेशी पर्यटकों के लिए यात्रा अधिक सुगम और समयबद्ध होगी। वहीं, लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा नेशनल पार्क, बहराइच का कतर्निया घाट और सैफई लायन सफारी जैसे इको-टूरिज्म स्थलों तक पहुंच भी आसान हो जाएगी। उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट और देहरादून जैसे गंतव्यों को भी इसका लाभ मिलेगा।
प्रदेश पहले ही घरेलू पर्यटन में देश में अग्रणी स्थान हासिल कर चुका है। आगरा, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज जैसे शहरों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में पिछले वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। अब जेवर एयरपोर्ट इस रफ्तार को और तेज करेगा।
इसके साथ ही मेडिकल और बिजनेस टूरिज्म को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। एयरपोर्ट के आसपास होटल, रेस्टोरेंट, रिसॉर्ट, ट्रैवल सेवाओं, गाइड और स्थानीय हस्तशिल्प व व्यंजनों से जुड़े कारोबार में तेजी आएगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के विजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश, व्यापार और पर्यटन के केंद्र के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित हो सकती है।






