लखनऊ, 2 अप्रैल 2026:
यूपी में कौशल विकास को नई दिशा देते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले ही दिन बड़ा निर्णय लिया है। मिशन ने 99,075 प्रशिक्षणार्थियों का लक्ष्य 957 ट्रेनिंग पार्टनर्स को आवंटित कर दिया है। इसके साथ ही पहली बार ग्रेडिंग नीति को सार्वजनिक करते हुए प्रशिक्षण केंद्रों का मूल्यांकन किया गया। उसी के आधार पर लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
प्रदेश के मिशन निदेशक पुलकित खरे की पहल पर पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाया गया है। अब प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की समय सीमा को 90 दिनों से घटाकर मात्र 30 दिन कर दिया गया है। इससे योजनाओं का लाभ तेजी से युवाओं तक पहुंचेगा।
मिशन ने इस वर्ष ‘स्मार्ट टॉप-अप’ व्यवस्था भी लागू की है। इसके तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षण संस्थानों को बैच पूरा होने से पहले ही अतिरिक्त लक्ष्य दिए जा सकेंगे। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और संस्थान बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे।

पूरी प्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया गया है। अब इम्पैनलमेंट, लक्ष्य आवंटन और भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। 23 फरवरी 2026 को लागू नए नियमों के अनुसार संस्थानों को उनकी ग्रेडिंग और प्रशिक्षण गुणवत्ता के आधार पर भुगतान किया जाएगा। इससे जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित होगी।
मिशन निदेशक के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रमों में एआई जैसे आधुनिक कौशल को शामिल करते हुए ‘एआई फॉर ऑल’, सॉफ्ट स्किल्स, लाइव क्लास और इंडस्ट्रियल विजिट को अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही 33 प्रतिशत महिलाओं, 5 प्रतिशत दिव्यांगजनों और वंचित वर्ग के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
पिछले वर्ष जहां पूरे साल के लिए 1.10 लाख का एकमुश्त लक्ष्य दिया गया था वहीं इस बार रणनीति में बदलाव करते हुए तिमाही आधार पर लक्ष्य तय किए गए हैं। पहले तीन महीनों के लिए 99,075 प्रशिक्षणार्थियों का लक्ष्य जारी किया गया है। अब मिशन ‘क्वांटिटी’ से ‘क्वालिटी’ की ओर बढ़ रहा है। इससे प्रदेश के युवाओं को विश्वस्तरीय कौशल प्रशिक्षण और बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।






