न्यूज डेस्क, 4 अप्रैल 2026:
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब और गंभीर होता नजर आ रहा है। ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिकी सेना के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। ईरानी दावे के अनुसार इनमें एक अत्याधुनिक F-35 फाइटर जेट और दूसरा A-10 अटैक एयरक्राफ्ट शामिल है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में इस दावे पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि गिराया गया पहला विमान F-35 नहीं बल्कि F-15E स्ट्राइक ईगल हो सकता है।
घटनाक्रम के अनुसार A-10 विमान किसी तरह कुवैत के हवाई क्षेत्र तक पहुंच गया। वहां पायलट ने इजेक्ट कर अपनी जान बचा ली। पायलट सुरक्षित बताया जा रहा है लेकिन विमान कुवैत में क्रैश हो गया। इस बीच रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दो अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलिकॉप्टरों पर भी ईरान की ओर से हमला किए जाने की खबर है। हालांकि इन हेलिकॉप्टरों में सवार सभी सैनिक सुरक्षित हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक F-15E से जुड़े एक पायलट को ईरान के इलाके से सुरक्षित निकाल लिया गया है। दूसरे पायलट की तलाश अब भी जारी है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच ईरान ने लापता अमेरिकी क्रू मेंबर को पकड़ने वाले के लिए 10 बिलियन ईरानी तोमान (करीब 55 लाख रुपये) के इनाम की घोषणा कर दी है। ईरान के सरकारी मीडिया का दावा है कि विमान में मौजूद दो में से एक सदस्य पैराशूट के जरिए बाहर निकल गया और संभवतः दक्षिणी ईरान में उतरा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच संभावित बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हम युद्ध की स्थिति में हैं लेकिन संवाद के रास्ते बंद नहीं होंगे।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियन ने हालिया अमेरिकी हमले में एक ईरानी अधिकारी की पत्नी की मौत पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने अमेरिका पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ बातचीत की बात होती है, जबकि दूसरी ओर जमीनी हमले जारी हैं।
लगातार बढ़ते तनाव के बीच ईरानी नेतृत्व भी अब जनता के बीच सक्रिय रूप से नजर आ रहा है। पजशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची को तेहरान में लोगों से मिलते-जुलते देखा गया। इससे सरकार की सक्रियता और स्थिति पर पकड़ का संदेश देने की कोशिश मानी जा रही है।






