लखनऊ, 6 अप्रैल 2026:
यूपी अब अपनी नई पहचान गढ़ रहा है। कभी अवैध हथियारों और ‘तमंचों’ के लिए चर्चित रहा प्रदेश अब देश की सुरक्षा में भी तकनीकी रूप से अहम योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहा है। इस बदलाव की एक सशक्त तस्वीर राजधानी लखनऊ में देखने को मिली है।
एक प्राइवेट स्टार्टअप ने अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक विकसित कर राज्य की छवि को नई ऊंचाई दी है। तीन युवा उद्यमियों पवन, रविंद्र पाल सिंह और सौरभ सिंह द्वारा स्थापित कंपनी हॉवरिट (Hoverit) ने ‘दिव्यास्त्र एमके-1’ नाम का एडवांस यूएवी तैयार किया है। यह ड्रोन आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। यह निगरानी के साथ-साथ सटीक हमले करने में भी सक्षम है।
दिव्यास्त्र एमके-1 की खासियत इसकी 500 किलोमीटर की रेंज और लगभग 5 घंटे तक लगातार उड़ान भरने की क्षमता है। यह ड्रोन 10,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता और 15 किलोग्राम तक पेलोड लेकर सटीक लक्ष्य पर वार कर सकता है। इसमें एआई आधारित टारगेटिंग सिस्टम लगाया गया है। इससे इसकी सटीकता और प्रभावशीलता और बढ़ जाती है। खास बात यह है कि यह ड्रोन बाजार में उपलब्ध अन्य विकल्पों की तुलना में किफायती भी बताया जा रहा है।
कंपनी के संस्थापकों का कहना है कि प्रदेश में बेहतर नीतियों और यूपी डिफेंस कॉरिडोर जैसी योजनाओं ने उन्हें तेजी से आगे बढ़ने का अवसर दिया है। यही वजह है कि कंपनी अब भारतीय सेना के लिए ड्रोन सप्लाई करने की दिशा में काम कर रही है। शुरुआती ऑर्डर भी प्राप्त कर चुकी है। भविष्य को देखते हुए कंपनी ‘एमके-2’ वर्जन पर भी काम कर रही है। इसकी रेंज 2000 किलोमीटर और पेलोड क्षमता 80 किलोग्राम तक होने की संभावना है।
इसके लिए डिफेंस कॉरिडोर में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जा रही है, जहां हर महीने 20 ड्रोन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा कंपनी आंख निगरानी ड्रोन, बाज पेलोड ड्रोन, बम गिराने वाले ड्रोन, VTOL यूएवी, डिकॉय ड्रोन और ISR सिस्टम भी विकसित कर रही है।






