लखनऊ, 7 अप्रैल 2026:
भाजपा के स्थापना दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इसे भाजपा के भीतर बढ़ती खींचतान का संकेत बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को जानबूझकर कार्यक्रम से दूर रखा गया, जबकि वे उसी दिन गोरखपुर में मौजूद थे।
मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान अजय राय ने कहा कि स्थापना दिवस जैसे अहम कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष, दोनों डिप्टी सीएम और कई मंत्री मौजूद थे, लेकिन मुख्यमंत्री का न होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके, उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया, मगर मुख्यमंत्री को इससे भी नहीं जोड़ा गया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा के भीतर असंतोष अब चरम पर है और इसका असर बड़े कार्यक्रमों में साफ दिखने लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की अंदरूनी खींचतान का असर अब प्रदेश के विकास पर भी पड़ रहा है।
अजय राय ने कहा कि सरकार अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रही है। 2022 के चुनाव में किए गए रोजगार, किसानों की आय और कानून व्यवस्था से जुड़े वादे अब तक पूरे नहीं हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार की जगह लाठीचार्ज झेलना पड़ रहा है और भर्ती से जुड़े मामले अदालतों में उलझे हुए हैं।
उन्होंने प्रयागराज और लखनऊ में युवाओं पर हुई कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि हालात चिंता पैदा करने वाले हैं। साथ ही बुलडोजर कार्रवाई और महिला हेल्पलाइन से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं को भी उठाया। वाराणसी से जुड़ा एक वीडियो दिखाते हुए अजय राय ने गौवंश की हालत पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जमीन पर हालात ठीक नहीं हैं और सरकार सिर्फ प्रचार तक सीमित है।
इस दौरान उन्होंने बताया कि ज्योतिबा फुले की जयंती पर कांग्रेस अधिवक्ता सम्मेलन आयोजित करने जा रही है। इसमें अभिषेक मनु सिंघवी और सलमान खुर्शीद समेत कई वरिष्ठ वकील शामिल होंगे। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस के कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे।






