न्यूज डेस्क, 13 अप्रैल 2026:
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने आज से होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी लागू करने का ऐलान किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार भारतीय समयानुसार शाम से ईरान के बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले जहाजों को रोका जाएगा। इस कदम का उद्देश्य ईरान की तेल बिक्री को बाधित करना बताया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस कार्रवाई में कई अन्य देश भी अमेरिका का साथ दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हालिया सैन्य कार्रवाइयों में ईरान की नौसैनिक क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। उसके 158 जहाज तबाह किए जा चुके हैं। ट्रंप ने यह भी संकेत दिए कि पाकिस्तान में हुई वार्ता विफल होने के बाद ईरान पर दोबारा सैन्य हमले की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
नाकेबंदी के ऐलान का असर वैश्विक बाजारों पर तुरंत दिखाई दिया। अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज उछाल आया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर और ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है।

इस बीच ट्रंप ने चीन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसने ईरान को सैन्य सहायता दी तो अमेरिका उस पर 50% तक भारी टैरिफ लगाएगा। वहीं, ईरान ने पलटवार करते हुए दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह उसके नियंत्रण में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को रियाल में टोल देना होगा।
क्षेत्रीय तनाव के बीच इजराइल के मंत्री बेन गविर के अल अक्सा मस्जिद दौरे पर जॉर्डन ने कड़ी आपत्ति जताई है। इसे भड़काऊ कदम करार दिया गया है। दूसरी ओर ईरान में जासूसी के आरोप में करीब 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन पर अमेरिका और इजराइल को संवेदनशील जानकारी देने का आरोप है।
दूसरी तरफ ब्रिटेन ने इस सैन्य नाकेबंदी में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है। हालांकि उसने क्षेत्र में अपने माइंसवीपर जहाज और एंटी ड्रोन सिस्टम की तैनाती जारी रखने की बात कही है। ब्रिटिश सरकार का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट का खुला रहना वैश्विक व्यापार और महंगाई नियंत्रण के लिए बेहद जरूरी है।
उधर, ईरान में हालिया हमलों के कारण बाधित रेल सेवाएं अब बहाल हो गई हैं। तेहरान, तबरीज और मशहद के बीच ट्रेन सेवाएं 4-5 दिन बाद फिर से शुरू कर दी गई हैं। इससे सामान्य जनजीवन पटरी पर लौटता नजर आ रहा है।






