लखनऊ, 17 अप्रैल 2026:
लखनऊ विकास प्राधिकरण 18 अप्रैल से एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू करने जा रहा है। लंबे समय से बकाया झेल रहे आवंटियों को राहत देने के लिए इस बार प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। प्राधिकरण ने अपने दफ्तर में हेल्प डेस्क शुरू की है, जहां कर्मचारी मौके पर ही ऑनलाइन आवेदन भरने में मदद करेंगे। इसके साथ ही अलग-अलग योजनाओं में कैंप लगाए जाएंगे ताकि लोगों को दूर न जाना पड़े।
एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने साफ किया है कि ओटीएस के आवेदनों को लेकर निचले स्तर पर अनावश्यक आपत्तियां नहीं लगेंगी। बिना उनकी मंजूरी के कोई आवेदन खारिज नहीं होगा। इस फैसले से आवंटियों को बार-बार दफ्तर के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।
प्राधिकरण ने करीब चार हजार डिफाल्टर आवंटियों की सूची तैयार की है। इसमें आश्रयहीन, ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी के साथ आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के बकायेदार शामिल हैं। मानचित्र से जुड़े मामले भी इसमें रखे गए हैं। सभी को कॉल, मैसेज और ईमेल के जरिए योजना की जानकारी दी जा रही है।
योजना 18 अप्रैल से 17 जुलाई तक लागू रहेगी। इस दौरान बकाया चुकाने वालों को दंड ब्याज पूरी तरह माफ मिलेगा। चक्रवृद्धि ब्याज हटाकर सिर्फ साधारण ब्याज लिया जाएगा, जिसकी गणना सॉफ्टवेयर से होगी। इससे कुल बकाया रकम काफी कम हो जाएगी।
यह सुविधा सभी तरह की संपत्तियों पर लागू रहेगी। इसमें सरकारी संस्थाओं को दी गई जमीन, स्कूल और चैरिटेबल संस्थाओं के भूखंड, नीलामी से मिली संपत्तियां, सहकारी आवास समितियां और मानचित्र से जुड़े मामले भी शामिल हैं।
भुगतान व्यवस्था को भी आसान रखा गया है। आवेदन के बाद तीन महीने के भीतर निस्तारण किया जाएगा। जो आवंटी 30 दिन में पूरी रकम जमा कर देंगे, उन्हें तीन प्रतिशत की अतिरिक्त छूट मिलेगी।
50 लाख से ज्यादा बकाया होने पर एक तिहाई रकम 30 दिन में जमा करनी होगी, बाकी छह महीने में तीन किस्तों में देनी होगी। तय समय से चूक होने पर एक महीने का अतिरिक्त मौका मिलेगा, हालांकि इस दौरान दंड ब्याज लगेगा।






