विजय पटेल
रायबरेली, 20 अप्रैल 2026:
शहर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से पथ संचलन और एकत्रीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजकीय इंटर कॉलेज मैदान से शुरू हुए इस आयोजन में करीब 2000 स्वयंसेवक शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन दिखा जबकि रास्ते भर कई जगहों पर लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया।
संचलन तय मार्ग से गुजरते हुए बस स्टेशन चौराहा, जोसियाना पुल, खालीसहाट, किला बाजार चौकी, श्रीराम चौक, लालचंद्र स्वर्णकार तिराहा, कैपरगंज, घंटाघर चौराहा, सुपर मार्केट होते हुए बेनीमाधव जिला चिकित्सालय चौराहे तक पहुंचा। इसके बाद वापस राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में आकर कार्यक्रम संपन्न हुआ।
मुख्य वक्ता सुभाष ने संगठन की शुरुआत से अब तक के सफर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शून्य से शुरू हुआ यह सफर संघर्षों के बीच आगे बढ़ा और संगठन ने अपने मूल्यों को लगातार बनाए रखा। उन्होंने बताया कि अब ‘पंच-परिवर्तन’ के लक्ष्य के साथ समाज को नई दिशा देने पर जोर दिया जा रहा है।
सुभाष ने संघ की स्थापना करने वाले डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को याद करते हुए उनके विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे लोगों की जरूरत है जो राष्ट्र के लिए जीने का जज्बा रखते हों। अक्षय तृतीया के मौके पर उन्होंने गीता और वेद के संदर्भों के जरिए स्वयंसेवकों को प्रेरित किया।
उन्होंने यह भी बताया कि पथ संचलन का मकसद सिर्फ प्रदर्शन नहीं बल्कि अनुशासन, संगठन और समाज के प्रति जिम्मेदारी को मजबूत करना है। शाखाओं में सीखी गई बातों को जमीन पर उतारने का यह एक तरीका माना जाता है। कार्यक्रम में अमरेश सिंह, उधम, अमित चौहान, गया, डीबी सिंह, अमित, ओम प्रकाश, धनंजय, दिनेश, कृपाशंकर समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।






