प्रमोद कुमार
मलिहाबाद (लखनऊ), 22 अप्रैल 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद कस्बे में बुधवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित महाराजा मल्हिया पासी के भव्य स्मृति ‘गौरव द्वार’ को उखाड़ ले जाने की घटना सामने आई। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय लोग सैकड़ों की संख्या में सड़कों पर उतर आए और मोहान तिराहा रोड को जाम कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शन में महाराजा सुहेलदेव आर्मी के अध्यक्ष योगेश पासी और महाराजा लाखन पासी आर्मी के अध्यक्ष सूरज पासी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी कि जब तक गौरव द्वार को उसी स्थान पर पुनः स्थापित नहीं किया जाएगा तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल के साथ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की। तनाव को कम करने के लिए पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करते हुए भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही पुराना गेट बरामद नहीं होता है तो वे खुद अपने स्तर से नया गौरव द्वार स्थापित करवाएंगे। पूर्व मंत्री के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा कुछ कम जरूर हुआ है लेकिन जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहने के संकेत साफ हैं।

हालांकि, मामले में नया मोड़ तब आया जब एसीपी सुजीत दुबे ने शुरुआती जांच के आधार पर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने चोरी की आशंका को खारिज करते हुए बताया कि यह घटना चोरी नहीं बल्कि संबंधित कंपनी द्वारा द्वार को हटाने का मामला है। एसीपी ने कहा कि कंपनी ने बिना किसी सूचना के गेट हटाकर गलती की है।
पुलिस ने कंपनी से तत्काल संपर्क कर द्वार को वापस स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में कंपनी ने यह कदम उठाया। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है।






