लखनऊ, 25 अप्रैल 2025:
यूपी में बुजुर्गों के सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन के लिए योगी सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। समाज कल्याण विभाग के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जिलों में संचालित वृद्धाश्रम आज हजारों बेसहारा बुजुर्गों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरे हैं। वर्तमान में इन आश्रमों में 6055 निराश्रित बुजुर्गों को आश्रय, भोजन, चिकित्सा और देखभाल जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सरकार का उद्देश्य छत देने के साथ ही बुजुर्गों को गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करना है। यही कारण है कि वृद्धाश्रमों में सुबह के नाश्ते से लेकर रात के भोजन तक पौष्टिक आहार की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई है। नाश्ते में चाय, हलवा, चना, दलिया, पूड़ी और पोहा जैसे विकल्प दिए जाते हैं, जबकि दोपहर और रात के भोजन में दाल, सब्जी, चावल, रोटी, खिचड़ी, तहड़ी और खीर जैसी संतुलित डाइट शामिल है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, मुफ्त दवाएं, डॉक्टरों की परामर्श सेवा और आपातकालीन उपचार की सुविधा ने उन बुजुर्गों को बड़ी राहत दी है, जो पहले इलाज के लिए भटकते थे। इसके साथ ही स्वच्छ वस्त्र, साफ बिस्तर और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया गया है।
इन आश्रमों में केवल देखभाल ही नहीं, बल्कि बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी जा रही है। योग, भजन-कीर्तन, मनोरंजन और सामूहिक गतिविधियों के जरिए उन्हें सक्रिय और प्रसन्न रखने का प्रयास किया जा रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो लखनऊ में 128, मैनपुरी में 116, प्रयागराज में 120, मुरादाबाद में 127 और बरेली में 134 बुजुर्ग इन आश्रमों में रह रहे हैं।
इसके अलावा हर बुजुर्ग को प्रतिमाह 1000 रुपये पेंशन और आयुष्मान कार्ड के जरिए 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज भी दिया जा रहा है। सरकार की यह पहल अब उन बुजुर्गों के लिए नई जिंदगी का आधार बन चुकी है जो कभी सड़कों और रेलवे स्टेशनों पर बेसहारा जीवन जीने को मजबूर थे।






