लखनऊ, 28 अप्रैल 2026:
यूपी में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में सरकार अब एक्शन मोड में नजर आ रही है। मंगलवार को पर्यटन निदेशालय में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश के पर्यटन विकास को लेकर कई बड़े फैसलों और प्रस्तावों पर मंथन हुआ। बैठक में पर्यटन स्थायी समिति के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखे। उन्हें मंत्री ने प्राथमिकता के आधार पर लागू करने के निर्देश दिए।
मंत्री जयवीर सिंह ने साफ कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में प्रदेश का पर्यटन सेक्टर तेजी से उभर रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2025 में 156 करोड़ से अधिक पर्यटकों का उत्तर प्रदेश आगमन अभूतपूर्व रहा जिसमें महाकुंभ-2025 ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने कहा कि स्पिरिचुअल ट्रायंगल प्रयागराज, अयोध्या और काशी के जरिए श्रद्धालुओं को समग्र आध्यात्मिक अनुभव दिया जा रहा है।
बैठक में भविष्य की रणनीति के तौर पर एक्सपीरियंशल टूरिज्म पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि पर्यटक केवल घूमकर न जाएं बल्कि कुछ दिन ठहरें, स्थानीय संस्कृति को समझें और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिले।

जनप्रतिनिधियों ने भी कई अहम सुझाव दिए। झांसी से विधायक रवि शर्मा ने बुंदेलखंड में पर्यटन संभावनाओं को बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म के साथ मिलकर हेली सर्विस शुरू करने का प्रस्ताव रखा। प्रयागराज के विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी ने संगम क्षेत्र में वॉटर स्पोर्ट्स और त्रिवेणी महोत्सव को फिर से शुरू करने की मांग की। कानपुर की विधायक नीलिमा कटियार ने पूर्व का मैनचेस्टर छवि को पर्यटन से जोड़ते हुए युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया।
सहारनपुर के मोहंड क्षेत्र में जंगल सफारी और ओडीओपी वुडन वर्क को पर्यटन से जोड़ने का सुझाव विधायक उमर अली खान ने दिया। इसके अलावा गाजीपुर और अन्य क्षेत्रों से भी विकास के लिए प्रस्ताव आए।
विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन बजट में 22 गुना और संस्कृति बजट में 20 गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर, अल्पज्ञात स्थलों और प्रमुख पर्यटन सर्किट के विकास पर तेजी से काम हो रहा है। साथ ही मंडल स्तर पर कल्चरल कैफे स्थापित करने की योजना भी सामने रखी गई।
बैठक में यह भी तय हुआ कि 41 नए स्मारकों को संरक्षण के दायरे में लाया जाएगा। इनमें से 39 को मंजूरी मिल चुकी है। सरकार का लक्ष्य 2027 तक संरक्षित स्मारकों की संख्या 300 तक पहुंचाना है।
सरकार का फोकस विकास भी, विरासत भी है। इसी मंत्र के साथ यूपी पर्यटन को देश-दुनिया के नक्शे पर और मजबूत करने की तैयारी में जुटा है।






