लखनऊ, 21 मई 2026:
यूपी के सीएस योगी आदित्यनाथ ने लोक निर्माण विभाग (PWD) की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में सभी डीएम, जनप्रतिनिधि, मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
सीएम ने कहा कि प्रदेश के विकास की असली ताकत मजबूत सड़क और संपर्क व्यवस्था है। सड़कें और पुल केवल आवागमन के साधन के साथ व्यापार, रोजगार और सामाजिक विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि हर जिले से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर शासन को भेजे जाएं जिससे जून के प्रथम सप्ताह में उन्हें स्वीकृति प्रदान की जा सके।
सीएम योगी ने सभी डीएम को निर्देशित किया कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर अंतिम रूप दें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों का भूमि पूजन और शिलान्यास संबंधित जनप्रतिनिधियों के हाथों ही कराया जाए। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि विभागीय कमियों या ठेकेदारों की लापरवाही की जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों पर नहीं डाली जा सकती। गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने पिक एंड चूज की प्रवृत्ति पर भी नाराजगी जताई और कहा कि विकास योजनाओं में किसी क्षेत्र के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। हर जिले और हर क्षेत्र की जरूरतों को समान प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक परियोजना के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो नियमित निगरानी और गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित करे।
आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने हर ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय के निकट हेलीपैड निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा, स्वास्थ्य संकट और अन्य आपात स्थितियों में हेलीपैड अत्यंत उपयोगी साबित होंगे। इनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों के चलते ईंधन और बिटुमेन की उपलब्धता पर असर का उल्लेख करते हुए तकनीकी नवाचार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में दो किलोमीटर तक की सड़कों पर गुणवत्तापूर्ण सीसी रोड बनाई जाए। सड़क निर्माण को अधिक टिकाऊ और किफायती बनाने के लिए सीमेंट ट्रीटेड सबबेस (CTSB) और सीमेंट ट्रीटेड बेस तकनीक को प्राथमिकता देने को कहा।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि विभाग को चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक 30 हजार से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी प्रस्तावों की प्राथमिकता तय कर योजनाओं को चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए जिससे विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।






