Uttar Pradesh

हर अस्पताल पर नजर, हर सुविधा की पड़ताल, UP के हेल्थ सेक्टर में सुधार का बड़ा अभियान

योगी सरकार के व्यापक समीक्षा अभियान से स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ी पारदर्शिता और जवाबदेही, 75 जिलों में 16 हजार से अधिक अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों का हुआ स्थलीय मूल्यांकन

लखनऊ, 31 मई 2026:

यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेह बनाने के लिए योगी सरकार द्वारा शुरू किया गया स्टेट रिव्यू मिशन प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े बदलाव का आधार बन रहा है। छह महीनों में इस अभियान के तहत राज्यभर में स्वास्थ्य संस्थानों का व्यापक निरीक्षण और समीक्षा की गई। इसके सकारात्मक परिणाम अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगे हैं।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता है कि प्रदेश के हर नागरिक को उसके घर के निकट गुणवत्तापूर्ण और निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। इसी लक्ष्य को साकार करने के लिए 29 अक्टूबर 2025 से स्टेट रिव्यू मिशन की शुरुआत की गई थी। मिशन के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति, गुणवत्ता और प्रभावशीलता की गहन समीक्षा की जा रही है।

मंडल स्तर पर संचालित इस अभियान में प्रदेश के सभी 18 मंडलों, 75 जिलों और 826 विकास खंडों में स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक एवं स्वास्थ्य सचिव डॉ. पिंकी जोवल के अनुसार प्रदेश की 33,044 चिकित्सा इकाइयों में से 16,249 इकाइयों का निरीक्षण किया जा चुका है। यह लगभग 49 प्रतिशत है। यह निरीक्षण 901 मंडलीय एवं जनपदीय अधिकारियों तथा 43 राज्य स्तरीय अधिकारियों की दो सदस्यीय टीमों द्वारा किया गया।

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UP Health Sector Transformation Audit of Hospitals (1)

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अभियान के दौरान 93 जिला अस्पतालों, 861 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, 2,825 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, 12,405 स्वास्थ्य उपकेंद्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, 50 विशेष चिकित्सालयों और 15 मेडिकल कॉलेजों का स्थलीय मूल्यांकन किया गया। इसके अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजित 2,661 मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का भी निरीक्षण किया गया। इन मेलों के माध्यम से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य जांच, परामर्श और उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

स्टेट रिव्यू मिशन के तहत निरीक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य स्तर पर विशेष फैसिलिटी ऑब्जर्वेशन चेकलिस्ट तैयार की गई। इसके माध्यम से अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी ढांचे, दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता, मानव संसाधनों की स्थिति, एंबुलेंस सेवाओं, रिकॉर्ड प्रबंधन तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में उपलब्ध सुविधाओं का मूल्यांकन किया गया। साथ ही मरीजों से सीधे संवाद कर उनकी प्रतिक्रिया भी ली गई।

अधिकारियों का कहना है कि लगातार निरीक्षण, आकस्मिक जांच और समीक्षा बैठकों के कारण स्वास्थ्य संस्थानों में सेवा गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही के नए मानक स्थापित हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति आम जनता का विश्वास भी मजबूत कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में यह अभियान उत्तर प्रदेश को नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर कर रहा है।

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