लखनऊ, 11 जनवरी 2026:
यूपी को आत्मनिर्भर और उद्यमशील राज्य बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है। प्रदेश सरकार ने आगामी पांच वर्षों में 15 लाख नए उद्यम स्थापित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही गांवों से एक करोड़ उद्यमी तैयार करने की व्यापक योजना पर काम शुरू हो चुका है। इस महाअभियान का मजबूत आधार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) होगा। इसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों (SHG) को उद्यमिता से जोड़ा जाएगा।
सरकार का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाते हुए गांव-गांव रोजगार और आय के नए अवसर पैदा करना है। सीएम योगी के निर्देश पर तैयार इस योजना के तहत हर स्वयं सहायता समूह से कम से कम एक सदस्य या समूह को उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान किया जाएगा। कृषि आधारित आजीविका के साथ-साथ गैर कृषि क्षेत्रों में भी गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। इससे ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सके।
प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं सामने आ रही हैं जिन्होंने सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया और उसे साकार कर दिखाया। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ये महिलाएं अब न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। सरकार के प्रयासों से ‘लखपति दीदी’ अभियान को भी नई गति मिली है।
इस उपलब्धि का प्रतीक यह है कि प्रदेश की 14 लखपति दीदियों को आगामी गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होने का अवसर मिलेगा। यह सम्मान नारी शक्ति, ग्रामीण उद्यमिता और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उत्तर प्रदेश की मजबूत भूमिका को दर्शाता है।
सीएम योगी का विजन है कि आत्मनिर्भर गांव, सशक्त उद्यमी और मजबूत अर्थव्यवस्था के माध्यम से प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए। यह योजना न केवल रोजगार सृजन का माध्यम बनेगी बल्कि ग्रामीण समाज में आत्मविश्वास और स्वावलंबन की नई कहानी भी लिखेगी।






