Lucknow City

सहारा शहर में सजेगा सत्ता का नया केंद्र! गोमतीनगर में बनेगा यूपी का नया विधानभवन

245 एकड़ में आकार लेगा यूपी का नया विधानभवन, हजरतगंज इलाके की बदलेगी तस्वीर, ट्रैफिक जाम और पार्किंग संकट से राहत की उम्मीद

लखनऊ, 10 फरवरी 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में जल्द ही सियासी नक्शा बदलने वाला है। गोमतीनगर स्थित चर्चित सहारा शहर की जमीन पर नया विधानभवन बनाने की कवायद तेज हो गई है। शासन के निर्देश पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंसल्टेंट आगे डीपीआर और आधुनिक डिजाइन तैयार करेगा। उच्च स्तर पर इस परियोजना को हरी झंडी मिलने की बात कही जा रही है।

एलडीए अधिकारियों के मुताबिक करीब 10 महीने पहले सहारा शहर में एलडीए ने अपने हिस्से की 75 एकड़ जमीन कब्जे में ली थी। इसके बाद सितंबर 2025 में नगर निगम ने लीज निरस्त कर अपने हिस्से की 170 एकड़ जमीन पर कब्जा लिया। इस तरह कुल 245 एकड़ जमीन अब शासन के पास उपलब्ध है। जमीन की पैमाइश रिपोर्ट पहले ही शासन को भेजी जा चुकी है।जानकारों का कहना है कि सरकार कई वर्षों से नए विधानभवन के लिए करीब 200 एकड़ जमीन की तलाश कर रही थी। अब अब एक ही स्थान पर मिल गई है।

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गोमतीनगर की यह लोकेशन आवागमन के लिहाज से भी बेहद मुफीद मानी जा रही है। एलडीए अधिकारियों के अनुसार सहारा शहर की जमीन पर विधानभवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही कंसल्टेंट के माध्यम से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। प्रस्तावित भवन में आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर पार्किंग और सुरक्षा इंतजाम भी होंगे।

नए विधानभवन के बनने से शहर को कई तरह की राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल हजरतगंज स्थित विधानभवन में मुख्यमंत्री और वीआईपी मूवमेंट के दौरान कई मार्गों पर ट्रैफिक रोकना पड़ता है। इससे आम लोगों को भारी परेशानी होती है। आसपास बड़े अस्पताल और स्कूल होने के कारण जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है। गोमतीनगर में नया परिसर बनने से वीआईपी मूवमेंट का दबाव हजरतगंज इलाके से हटेगा।

इसके साथ ही पुराने विधानभवन के आसपास सुरक्षा और यातायात दबाव के कारण रुकी पड़ी विकास योजनाओं को भी रफ्तार मिलेगी। उम्मीद की जा रही है कि नया विधानभवन बनने के बाद हजरतगंज को एक बेहतर पर्यटन और विरासत क्षेत्र के रूप में विकसित करना आसान होगा। यह परियोजना प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ लखनऊ की ट्रैफिक और शहरी नियोजन की तस्वीर भी बदल सकती है।

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