लखनऊ, 20 जनवरी 2026:
यूपी के वाराणसी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन मंदिरों को तोड़े जाने के कथित मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कलेक्ट्रेट के पास पुराने हाईकोर्ट चौराहे पर किया गया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय बिगड़ गए जब पुलिस ने आप नेताओं और कार्यकर्ताओं को जबरन घसीटते हुए और टांगकर बस में बैठाया। बाद में सभी को ईको गार्डन ले जाया गया। इस कार्रवाई को लेकर पार्टी ने पुलिस और सरकार पर दमनात्मक रवैये का आरोप लगाया।

आप के जिला महासचिव ज्ञान सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार इतिहास और संस्कृति को मिटाने पर आमादा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर प्राचीन मंदिरों को खत्म किया जा रहा है। ये सीधे तौर पर भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं पर हमला है। उन्होंने कहा कि यह सरकार अपना नया साम्राज्य गढ़ने की कोशिश कर रही और पूरी तरह हिंदू विरोधी मानसिकता के साथ काम कर रही है।
यह प्रदर्शन पार्टी के प्रदेश प्रभारी और सांसद संजय सिंह के निर्देश पर जिला पदाधिकारियों द्वारा किया गया। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह मुद्दा केवल निर्माण या विकास का नहीं बल्कि आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के सम्मान से जुड़ा हुआ है।

आप ने आरोप लगाया कि धार्मिक स्थलों से छेड़छाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। पार्टी का कहना है कि मणिकर्णिका घाट काशी की पहचान और सनातन परंपरा का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। यहां मौजूद प्राचीन मंदिरों के साथ की गई किसी भी तरह की तोड़फोड़ से देशभर के श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
पार्टी नेताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।






