बाराबंकी, 9 जनवरी 2026:
जिला मुख्यालय पर पटेल नगर स्थित मुंशी रघुनंदन प्रसाद सरदार पटेल महिला महाविद्यालय में करोड़ों रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। संस्थान की संस्थापक संरक्षक सदस्य कृष्णा चौधरी ने पूर्व पदाधिकारियों और उनके सहयोगियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और कूट रचित दस्तावेज तैयार कर संस्थान का पैसा हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है।
कृष्णा चौधरी के मुताबिक, उमाशंकर वर्मा और धीरेन्द्र कुमार वर्मा ने बिना किसी वैध चुनाव और रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज की मंजूरी के खुद को संस्थान का पदाधिकारी घोषित कर लिया। इसके बाद उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खातों पर नियंत्रण हासिल कर लिया।
शिकायत में बताया गया है कि 5 अप्रैल 2020 को कोरोना लॉकडाउन के दौरान फर्जी तरीके से प्रबंध समिति की बैठक दिखाकर 17 लोगों के नकली हस्ताक्षर बनाए गए। इसके बाद जिला सहकारी बैंक में संस्थान का खाता खोलकर खुद को हस्ताक्षरी बनाया गया।

आरोप है कि 8 नवंबर 2021 को बिना किसी बिल या वैध अनुमति के दयाराम एंड संस ट्रेडिंग फर्म को आरटीजीएस के जरिए 50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। इसके अलावा उमाशंकर वर्मा ने अपने बेटे मानव पटेल के बैंक खाते में 20 लाख रुपये भेजे, जबकि इसकी कोई स्वीकृति प्रबंध समिति से नहीं ली गई थी। इतना ही नहीं, जिला सहकारी बैंक में जमा संस्थान की करीब 2 करोड़ 7 लाख रुपये की राशि को शिकायत के बाद फ्रीज किए जाने के बावजूद दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इंडियन बैंक की मुख्य शाखा से कई कर्मचारियों और परिचितों के नाम पर चेक काटकर नकद निकासी की गई, जबकि संबंधित लोगों को यह रकम कभी मिली ही नहीं। इन पैसों का इस्तेमाल निजी फायदे के लिए किया गया। साल 2023 में भी लाखों रुपये अलग-अलग खातों में आरटीजीएस और सेल्फ चेक के जरिए निकाले गए। आरोप है कि यह सारा पैसा संस्थान के काम में नहीं बल्कि निजी इस्तेमाल में लगाया गया। फिलहाल कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई इस एफआईआर के बाद पटेल महिला महाविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।






