लखनऊ, 16 फरवरी 2026:
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन इलाकों में सपा की जीत हुई थी वहां योजनाबद्ध तरीके से मतदाताओं के नाम कटवाए जा रहे हैं। अखिलेश ने दावा किया कि भाजपा की एक सीक्रेट मीटिंग में यह रणनीति बनाई गई कि विपक्षी दलों खासकर सपा समर्थकों के वोट कैसे कटवाए जाएं।
अखिलेश यादव ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए फॉर्म-7 भरकर सैकड़ों मतदाताओं के नाम हटाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के बीएलओ तक के नाम सूची से काट दिए गए। इतना ही नहीं पार्टी के एक नगर अध्यक्ष के हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर उनके ही मतदाता का नाम हटवाने की बात भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि एसआईआर के बहाने पीडीए वर्ग और विशेषकर अल्पसंख्यकों के वोट काटने की साजिश हो रही है।
सपा प्रमुख ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि आयोग ने विपक्ष को बहुत काम दे दिया है। उनके मुताबिक राज्य में एसआईआर के बाद जारी कच्ची मतदाता सूची में गंभीर अनियमितताएं दिख रही हैं। अखिलेश का आरोप है कि भाजपा ने फर्जी तरीके से करीब एक करोड़ वोट बढ़वाए हैं और जिन लोगों ने यह काम किया उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जिन बूथों पर सबसे ज्यादा फर्जी वोट मिले वे भाजपा से जुड़े हैं।
भाजपा पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जिस एसआईआर से देशभर के लोग परेशान थे, अब उसी से भाजपा परेशान हो रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को अंदेशा है कि आने वाले चुनाव में वह उत्तर प्रदेश में जीत हासिल नहीं कर पाएगी, इसलिए वोट कटवाने जैसे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता सब जानती है और हर बात का जवाब देगी। हम भी शांत नहीं बैठेंगे, वोट में घोटाला नहीं होने देंगे।
मुख्यमंत्री योगी का नाम लिए बिना अखिलेश ने संकेतों में कुछ लोगों पर धार्मिक पदों से जुड़े व्यक्तियों के अपमान का आरोप लगाया और कहा कि पीडीए पीड़ितों के साथ खड़ा है। उन्होंने जातीय जनगणना की मांग दोहराते हुए कहा कि आबादी के अनुपात में सबको हक मिलना चाहिए। साथ ही नोटबंदी और किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। अखिलेश ने दावा किया कि भाजपा नई पीढ़ी से घबराई हुई है और यही उसकी बेचैनी की असली वजह है।






