Uttarakhand

अंकिता कांड से जुड़े सवालों पर सरकार की सफाई, मंत्री बोले…पुख्ता सबूत देने वालों को मिलेगी सुरक्षा

मीडिया से रूबरू हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने स्पष्ट किया कि केवल आरोपों के आधार पर जांच कराना न्याय प्रक्रिया को कमजोर करेगा

राज किशोर तिवारी

देहरादून, 3 जनवरी 2026:

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उठ रहे नए सवालों पर सरकार का पक्ष साफ किया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति विश्वसनीय और ठोस साक्ष्य सामने लाता है, तो सरकार किसी भी स्तर की जांच के लिए पूरी तरह तैयार है। साथ ही ऐसे लोगों को सरकार की ओर से सुरक्षा भी दी जाएगी।

पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में मंत्री उनियाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही एसआईटी जांच को सही ठहरा चुका है और सीबीआई जांच से इनकार कर चुका है। उन्होंने कहा कि बिना पुख्ता सबूतों के केवल आरोपों के आधार पर दोबारा जांच कराना न्याय प्रक्रिया को कमजोर कर सकता है और इससे दोषियों को कानूनी लाभ मिल सकता है।

उन्होंने बताया कि अंकिता प्रकरण को धामी सरकार ने शुरू से गंभीरता से लिया। महिला डीआईजी के नेतृत्व में एसआईटी बनाई गई, आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया गया, सभी फोरेंसिक और अन्य सबूत जुटाए गए और कोर्ट में मजबूती से पैरवी की गई। नतीजतन तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा हुई और उन्हें जमानत तक नहीं मिल सकी।

सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर मंत्री ने कहा कि जो भी लोग दावा कर रहे हैं, वे सामने आकर जांच एजेंसियों को सबूत सौंपें। यदि उनमें थोड़ी भी सच्चाई पाई जाती है तो सरकार बड़ी से बड़ी जांच कराने से पीछे नहीं हटेगी।

क्राइम सीन पर बुलडोजर चलाने के आरोपों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि कोर्ट ने भी माना है कि एफएसएल टीम ने कमरे को तोड़ने से पहले सभी जरूरी साक्ष्य सुरक्षित कर लिए थे। उन्होंने इसे एक खास नजरिया बनाने के लिए किया जा रहा दुष्प्रचार बताया।

जानें क्या है अंकिता भंडारी मामला

अंकिता भंडारी ऋषिकेश के वनतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट का काम करती थीं। सितंबर 2022 में वह लापता हुईं और बाद में उनका शव नहर से बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि उन पर गलत काम का दबाव बनाया जा रहा था, विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी गई। कोटद्वार अदालत ने मई 2025 में रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। आरोपी पुलकित पूर्व बीजेपी नेता का बेटा है इसलिए ये मामला और गरमा गया। हाल में कुछ वायरल ऑडियो और सीबीआई जांच की मांग उठने के बाद मामला फिर चर्चा में आया है, जिस पर सरकार ने अब यह स्पष्ट रुख रखा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button