लखनऊ, 2 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश राज्य एनएचएम एएनएम कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत सहायक नर्स मिडवाइव्स (एएनएम) ने सोमवार को लखनऊ में प्रदर्शन किया। परिवर्तन चौक से स्वास्थ्य भवन तक निकाले गए जुलूस में बड़ी संख्या में एएनएम शामिल रहीं और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान संविदा एएनएम के स्थायीकरण और UPSSSC द्वारा कराई गई एएनएम परीक्षा को निरस्त कर नई परीक्षा आयोजित कराने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
जुलूस से पहले हुई सभा में यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रदेश भर में कार्यरत एएनएम बीते कई वर्षों से संविदा पर ग्रामीण और शहरी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं। मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार नियोजन और जनस्वास्थ्य योजनाओं को ज़मीन पर उतारने में एएनएम की भूमिका अहम रही है।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी जैसी कठिन परिस्थितियों में भी एएनएम ने अपनी जान जोखिम में डालकर ईमानदारी से काम किया, लेकिन इसके बावजूद आज तक उनके स्थायीकरण को लेकर कोई ठोस और कानूनी फैसला नहीं लिया गया। कई एएनएम दस साल से अधिक समय से लगातार सेवा दे रही हैं, जबकि उनका काम पूरी तरह स्थायी प्रकृति का है।
सभा में यह भी कहा गया कि स्थायी कर्मचारियों के बराबर काम लेने के बावजूद संविदा एएनएम को समान वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाएं नहीं दी जा रहीं, जो साफ तौर पर अन्याय है। वक्ताओं के मुताबिक यह संविधान में दर्ज समान काम के बदले समान वेतन के सिद्धांत के खिलाफ है और न्यायालयों के फैसले भी एएनएम के पक्ष में रहे हैं। UPSSSC द्वारा गत 11 जनवरी को आयोजित महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एएनएम) परीक्षा को लेकर भी नाराजगी जताई गई।
यूनियन नेताओं ने कहा कि परीक्षा के सवाल न तो तय सिलेबस के अनुसार थे और न ही घोषित पैटर्न से मेल खाते थे। इससे प्रदेश भर के अभ्यर्थियों, खासकर वर्षों से सेवा दे रही संविदा एएनएम में गहरा असंतोष है। संगठन ने परीक्षा को रद्द कर नई और निष्पक्ष परीक्षा कराने की मांग की। प्रदर्शन के बाद यूनियन की ओर से अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया। संगठन ने कहा कि अगर जल्द कोई ठोस फैसला नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।






