बाराबंकी, 4 फरवरी 2026:
महाशिवरात्रि और लोधेश्वर महादेव फाल्गुनी मेला 2026 को देखते हुए बाराबंकी जिले में 5 से 16 फरवरी तक यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। इस दौरान भारी और हल्के दोनों तरह के वाहनों के लिए अलग-अलग रूट तय किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।
जानिए डायवर्जन प्लान
– लखनऊ की ओर से मसौली और रामनगर होते हुए गोंडा जाने वाले भारी वाहन अब अयोध्या होकर अपने गंतव्य की ओर जाएंगे। रामनगर मोड़ और असैनी मोड़ से भारी वाहनों को मसौली-रामनगर या पटेल चौराहे की तरफ नहीं जाने दिया जाएगा, उन्हें अयोध्या रोड की ओर मोड़ा जाएगा।
– लखनऊ से मसौली-रामनगर के रास्ते बहराइच जाने वाले वाहनों को रेउसा से चहलारी घाट घाघरा पुल के रास्ते बहराइच भेजा जाएगा। वहीं लखनऊ से देवा होकर फतेहपुर की ओर जाने वाले भारी वाहन देवा से बाबा कुटी, बड्डूपुर, महमूदाबाद होते हुए सीतापुर के रेउसा से चहलारी घाट पुल के जरिए बहराइच की ओर जाएंगे।
– हल्के और छोटे वाहन जो लखनऊ से मसौली- रामनगर होते हुए बहराइच या गोंडा जा रहे हैं, उन्हें उधौली मोड़ से सिरौलीगौसपुर तहसील के सामने से चौकाघाट होते हुए आगे भेजा जाएगा।
– बहराइच और गोंडा की ओर से आने वाले भारी वाहन बहराइच के टिकोरा मोड़ से चहलारी घाट होकर सीतापुर के रेउसा के रास्ते अपने गंतव्य पर जाएंगे। वहीं हल्के वाहन चौकाघाट रामनगर से मरकामऊ और सफदरगंज चौराहे होते हुए आगे बढ़ेंगे।
पुलिस प्रशासन की ओर से बताया गया है कि महादेवा मंदिर की ओर आने वाले श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की संख्या का रोजाना आकलन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर उसी समय अतिरिक्त डायवर्जन भी लागू किया जाएगा।
यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए सभी प्रमुख मार्गों पर गश्त, मोबाइल पिकेट, पीआरवी वाहन तैनात किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चार एंबुलेंस भी लगाई गई हैं। इनमें दो महादेवा मेला क्षेत्र में, एक मोहम्मदपुर चौकी क्षेत्र में और एक मसौली थाना क्षेत्र में तैनात रहेगी। सभी एंबुलेंस में डॉक्टरों की टीम और जरूरी जीवन रक्षक दवाएं मौजूद रहेंगी।
इसके अलावा चौपुला और रामनगर तिराहे पर क्रेन की भी व्यवस्था की गई है, ताकि रास्ता बाधित होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। डायवर्जन के दौरान किसी भी आपातकालीन सेवा से जुड़े वाहन को रोका नहीं जाएगा।






