अयोध्या, 23 जनवरी 2026:
योग गुरु बाबा रामदेव प्रयागराज में संगम स्नान के बाद शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। यहां उन्होंने एक आश्रम में आयोजित योग शिविर में भाग लिया और साधकों को योग का अभ्यास कराया। इस दौरान उन्होंने अयोध्या, राम जन्मभूमि और सनातन धर्म से जुड़े कई विषयों पर अपने विचार रखे।
बाबा रामदेव ने कहा कि अयोध्या सनातन आस्था का पवित्र तीर्थ है, जिसे इतिहास में विदेशी आक्रांताओं के अत्याचारों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि वे राम जन्मभूमि जाकर रामलला के दर्शन करेंगे। रामत्व, कृष्णत्व, हनुमत्व और शिवत्व जब जन-जन के आचरण में उतरेगा, तभी सनातन का गौरव समाज और जीवन में स्थापित होगा। राम और राम की मर्यादाएं हमारे जीवन का हिस्सा बनें, इसी संकल्प के साथ वे अयोध्या आए हैं।
प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि तीर्थ स्थलों पर किसी भी साधु या शंकराचार्य को विवाद से दूर रहना चाहिए। ऐसे मामलों से सनातन धर्म का अपयश होता है। उन्होंने कहा कि हमें आपस में उलझने के बजाय सनातन की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए।
बाबा रामदेव ने आगे कहा कि यदि कहीं पाप, अधर्म या अन्याय हो रहा हो, तो साधु का बोलना जरूरी है, लेकिन तीर्थ स्थलों पर स्नान, पूजा या पालकी जैसे विषयों पर विवाद नहीं होना चाहिए। साधु वही होता है जिसने अपना अहंकार त्याग दिया हो। साधुता की पहली सीढ़ी ही निराभिमानता है।






