हरदोई, 6 जनवरी 2026:
कलेक्ट्रेट से कुछ ही दूरी पर स्थित विकास भवन में जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के भीतर महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ के मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस ने एक आरोपित सीडीपीओ को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जबकि दूसरे आरोपित की तलाश जारी है।
लखनऊ निवासी पीड़िता बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में मुख्य सेविका के पद पर कार्यरत है। वर्तमान में उसकी तैनाती हरदोई के विकास भवन स्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में है। पीड़िता के अनुसार उसके साथ छेड़छाड़ की शुरुआत 1 नवंबर से हुई थी। लगातार मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर उसने 40वें दिन, 10 दिसंबर को जिलाधिकारी से शिकायत की।
डीएम के निर्देश पर कोतवाली शहर में लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी लिपिक कमल कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। शुरुआती पूछताछ के दौरान लिपिक ने जांच टीम को एक ऑडियो क्लिप सौंपी, जिसमें सीडीपीओ अनुराग कुमार और राजेंद्र चौधरी द्वारा महिला कर्मचारियों को लेकर अश्लील बातचीत और रुपये के लेनदेन से जुड़ी बातें रिकॉर्ड बताई जा रही हैं।
जांच आख्या मिलने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने कोतवाली पुलिस को पत्र भेजकर दोनों सीडीपीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की। इसके बाद मामले में दोनों सीडीपीओ के नाम भी एफआईआर में शामिल किए गए। महिला कर्मचारी से जुड़े इस संवेदनशील मामले में निदेशालय ने दोनों सीडीपीओ को सस्पेंड कर दिया गया था।
पुलिस ने आरोपित सीडीपीओ अनुराग कुमार को आवास विकास कॉलोनी स्थित उसके मकान से शांति भंग की धाराओं में हिरासत में लिया गया। बाद में उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एसके त्रिवेदी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। दूसरे आरोपित सीडीपीओ की तलाश की जा रही है।
इस बीच पीड़िता की हालत को लेकर भी चिंता बनी हुई है। एक जनवरी को महिला कर्मचारी लखनऊ से ट्रेन से हरदोई आ रही थी। दोपहर करीब तीन बजे वह काकोरी थाना क्षेत्र के रहमानखेड़ा के पास घायल अवस्था में मिली। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने काकोरी पुलिस की मदद से उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। कोतवाली पुलिस के अनुसार चार दिन बीत जाने के बाद भी पीड़िता को होश नहीं आया है। सुरक्षा और देखरेख के लिए अस्पताल में पुलिस तैनात की गई है।






