बाराबंकी, 3 मार्च 2026:
लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाघरा नदी के ऊपर बना संजय सेतु जर्जर हालत में पहुंच चुका है। चौकाघाट के पास स्थित इस पुल के कई जॉइंट के अप्रोच हिस्से में बड़ी दरार पड़ गई है, जिससे सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया है। कम रफ्तार में गुजरने की चेतावनी के बाद भी फर्राटा भरने से पुल लगातार कमजोर होता जा रहा है। इसी खतरे को भांपकर इसकी मरम्मत के लिए अस्थायी पीपा पुल निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। इसके तहत प्रयागराज से पीपे मंगा भी लिए गए हैं।
बहराइच गोंडा के साथ श्रावस्ती व अन्य जिलों को सूबे की राजधानी से जोड़ने वाले इस पुल पर 15 हजार से अधिक छोटे बड़े वाहन रोजाना गुजरते है। सरयू (पहले घाघरा) नदी पर बने चार दशक से अधिक पुराने इस पुल की हालत अब खस्ता हो गई है। ज्वाइंटर में आईं दरारें चौड़ी होतीं जा रही हैं। दरार के चलते लोहे की रेलिंग भी टूट गई।यहां से गुजरते समय वाहनों को तेज झटका लग रहा है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि इससे पहले भी कई बार खराबी आई लेकिन कामचलाऊ मरम्मत कर पल्ला झाड़ लिया गया। अब स्थिति गंभीर हो गई है।

मरम्मत से पहले बनेगा अस्थायी पीपा पुल
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने मुख्य पुल की मरम्मत से पहले सरयू नदी पर अस्थायी पीपा पुल बनाने का फैसला किया है। यह पुल 144 बड़े पीपों से तैयार किया जाएगा। योजना के तहत प्रयागराज की वर्कशॉप से भारी ट्रकों और ट्रेलरों के जरिए पीपे घाघराघाट लाए जा रहे हैं। पहली खेप मौके पर पहुंचनी शुरू हो गई है और अब तक करीब 11 पीपे साइट पर पहुंच चुके हैं।
ऐसे तैयार होगा मजबूत ढांचा
नदी किनारे पीपों को दो-दो की जोड़ी में जोड़कर मजबूत आधार बनाया जाएगा। इसके ऊपर लोहे की प्लेटें और सुदृढ़ सतह बिछाई जाएगी, ताकि छोटे और बड़े वाहनों का सुरक्षित आवागमन हो सके। पूरा निर्माण कार्य विशेषज्ञों की निगरानी में कराया जाएगा। इस परियोजना के लिए करीब 6.28 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। निर्माण एजेंसी को एक माह के भीतर काम पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि हर हाल में 15 अप्रैल तक पुल तैयार हो जाए। 13 अप्रैल तक पर्याप्त मशीनरी, तकनीकी टीम और मजदूरों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।
तैयारी तेज, साइट पर पहुंच रही जरूरी सामग्री
संजय सेतु की मरम्मत शुरू होने पर हाईवे का यातायात बंद करना पड़ेगा। जरवलरोड, बहराइच और आसपास के इलाकों के बीच यह मार्ग बेहद अहम है। ऐसे में अस्थायी पीपा पुल से आम लोगों और ट्रांसपोर्टरों को लंबा वैकल्पिक रास्ता नहीं अपनाना पड़ेगा। एनएचएआई के सहायक अभियंता अनंत मौर्य ने बताया कि शासन से बजट मंजूर होने के बाद काम को प्राथमिकता पर शुरू कर दिया गया है। जरूरी पीपे और मशीनरी लगातार साइट पर पहुंचाई जा रही है। जैसे ही अस्थायी पुल बनकर तैयार होगा, संजय सेतु की मरम्मत बिना रुकावट शुरू कर दी जाएगी।






