कोटद्वार, 31 जनवरी 2026:
कोटद्वार के सनेह क्षेत्र में शनिवार से दो दिवसीय बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल की शुरुआत हुई। फेस्टिवल का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस मौके पर उन्होंने जनपद के विभिन्न विकासखंडों के लिए 32,612.33 लाख रुपये की 61 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री कोटद्वार पहुंचते ही दिव्यांग बच्चों से मिले और उनकी पढ़ाई-लिखाई को लेकर बातचीत की। इसके बाद सिद्धबली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। फेस्टिवल स्थल पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने उनका स्वागत किया। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने गढ़वाली स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जबकि हेरिटेज स्कूल के बच्चों की पक्षी संरक्षण पर प्रस्तुति लोगों को खूब पसंद आई।
कार्यक्रम के दौरान 21 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिनकी लागत 8,172.78 लाख रुपये है। वहीं 40 योजनाओं का लोकार्पण हुआ, जिन पर 24,439.55 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों और स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। पक्षियों की फोटो प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दशक उत्तराखंड का है और इसमें महिलाओं की भूमिका सबसे अहम होगी। स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इनके सामान किसी भी बड़ी कंपनी से कम नहीं हैं।

क्षेत्रीय विकास से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बस टर्मिनल, आयुष चिकित्सालय, खोह नदी के लिए एसटीपी, मालन नदी पर प्रस्तावित पुल और कोटद्वार-नजीबाबाद फोरलेन की बात कही। साथ ही हल्दूखाता पेयजल योजना के सुदृढ़ीकरण, राजकीय इंटर कॉलेज में अतिरिक्त कक्ष, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष और चहारदीवारी, जीतपुर में बाढ़ सुरक्षा कार्य, झंडीचौड़ में 108 एम्बुलेंस सेवा और स्नातकोत्तर महाविद्यालय में चहारदीवारी जैसी नई घोषणाएं की गईं।
कार्यक्रम में बर्ड वॉचिंग और पक्षी संरक्षण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैव विविधता से भरपूर प्रदेश है, जहां करीब 71 फीसदी क्षेत्र वनाच्छादित है। प्रदेश में लगभग 1300 पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से करीब 400 दुर्लभ प्रजातियां हैं। हर साल प्रवासी पक्षी भी यहां आते हैं, जो पर्यावरण संतुलन और पारिस्थितिकी के लिए अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि पक्षी बीज प्रसार, प्राकृतिक संतुलन और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। सरकार वन्यजीव और पक्षी संरक्षण के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, साथ ही इको टूरिज्म और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कालागढ़ क्षेत्र में घायल पशु-पक्षियों के इलाज की व्यवस्था पहले से मौजूद है।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने कहा कि कोटद्वार क्षेत्र अपने आप में पक्षी विविधता का बड़ा केंद्र है, जहां सैकड़ों प्रजातियां देखी जाती हैं। उन्होंने बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल को इको टूरिज्म से जोड़ते हुए इसे जागरूकता और स्थानीय लोगों की आमदनी बढ़ाने का जरिया बताया। पहले दिन फेस्टिवल में 2500 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें छात्र, युवा, महिलाएं और बर्ड वॉचर शामिल रहे। कल मैराथन, पेंटिंग, क्विज और निबंध प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार दिए जाएंगे।
कार्यक्रम में विधायक महंत दिलीप सिंह रावत, गौ सेवा आयोग अध्यक्ष राजेंद्र अणथ्वाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, नगर निगम मेयर शैलेंद्र सिंह रावत सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।






