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बर्थ एनिवर्सरी: सिर्फ किरदार नहीं निभाए… जो खुद बन गए किरदार, जानिए टीवी से हॉलीवुड तक इरफान खान का सफर

जयपुर से निकलकर हॉलीवुड तक पहुंचने वाले इरफान खान ने साबित किया कि स्टारडम नहीं, अभिनय ही असली पहचान होता है

मनोरंजन डेस्क, 7 जनवरी 2026:

टीवी से लेकर बॉलीवुड और हॉलीवुड तक अपनी अलग पहचान बनाने वाले इरफान खान आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी अदाकारी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। वह उन कलाकारों में शामिल थे, जो किरदार निभाते नहीं थे, बल्कि खुद उसी किरदार में ढल जाते थे। उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर एक बार फिर उनके संघर्ष, सोच और अनोखे व्यक्तित्व को याद किया जा रहा है।

जयपुर में जन्म और सादगी भरा बचपन

इरफान खान का जन्म 7 जनवरी 1967 को जयपुर के एक पठान परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम साहबजादे इरफान अली खान था। उन्होंने अपना बचपन टोंक और राजस्थान के अलग अलग हिस्सों में बिताया। उनके पिता टायर का कारोबार करते थे। दिलचस्प बात यह रही कि पठान परिवार से होने के बावजूद इरफान बचपन से ही शाकाहारी थे। इसी वजह से उनके पिता मजाक में अक्सर कहा करते थे कि पठान परिवार में ब्राह्मण पैदा हो गया।

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टीवी से शुरू हुआ अभिनय का सफर

इरफान ने अभिनय की शुरुआत छोटे परदे से की। चाणक्य, भारत एक खोज और चंद्रकांता जैसे धारावाहिकों में उनके काम को सराहा गया। इसके बाद साल 1988 में फिल्म सलाम बॉम्बे से उन्होंने बड़े परदे पर कदम रखा। धीरे धीरे वह उन कलाकारों में गिने जाने लगे, जो अलग सोच और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं के लिए जाने जाते थे।

दमदार किरदारों से मिली पहचान

इरफान को फिल्म हासिल में शानदार अभिनय के लिए फिल्मफेयर बेस्ट विलेन अवार्ड मिला। पान सिंह तोमर में उनके अभिनय ने उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया। इसके अलावा लंचबॉक्स, पीकू, हैदर और हिंदी मीडियम जैसी फिल्मों ने उन्हें हर उम्र और वर्ग के दर्शकों का पसंदीदा बना दिया। उनकी भूमिकाओं में सादगी, गहराई और सच्चाई साफ नजर आती थी।

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हॉलीवुड तक पहुंची इरफान की चमक

सिर्फ भारतीय सिनेमा ही नहीं, बल्कि हॉलीवुड में भी इरफान खान ने अपनी अलग छाप छोड़ी। अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया। कला के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए साल 2011 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाजा। निजी जीवन में उन्होंने साल 1995 में अपनी एनएसडी की साथी सुतापा सिकदर से शादी की, जो उनके संघर्ष के दिनों में हमेशा उनके साथ खड़ी रहीं।

यादों में हमेशा जिंदा रहेंगे इरफान

29 अप्रैल 2020 को इरफान खान इस दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन उनकी फिल्में और किरदार आज भी जिंदा हैं। वह सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि एक एहसास थे, जो हर सीन में महसूस होते हैं। इरफान उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी भारतीय अभिनय का परचम लहराया।

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