लखनऊ, 1 फरवरी 2026:
केंद्रीय बजट में यूपी को विकास की कई सौगातें मिली हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग से जुड़े अहम ऐलानों के जरिए यूपी को खास तवज्जो दी है। इन घोषणाओं से न सिर्फ आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिलने की उम्मीद है बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
बजट का सबसे बड़ा फोकस पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पर देखने को मिला। गंगा नदी के किनारे पानी के जहाजों की मरम्मत के लिए शिप रिपेयरिंग पोर्ट बनाने की घोषणा की गई है। इससे जल परिवहन को मजबूती मिलेगी और काशी के साथ-साथ पूरे पूर्वांचल में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का नया जरिया बनेगी।
रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी यूपी को बड़ी सौगात मिली है। बजट के तहत प्रदेश को कुल 1,500 किलोमीटर लंबाई के दो हाईस्पीड रेल कॉरिडोर दिए गए हैं। पहला कॉरिडोर दिल्ली से वाराणसी के बीच बनाया जाएगा जबकि दूसरा वाराणसी से सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित है। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के बीच आवागमन आसान होगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर खोलने की योजना बनाई गई है। इससे गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।
महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में भी अहम कदम उठाए गए हैं। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की गई है जिससे छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
शहरी विकास के लिए 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को 12.2 लाख करोड़ रुपये से विकसित करने की योजना है। इस श्रेणी में लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर समेत यूपी के करीब 25 शहर शामिल हैं। इसके अलावा छोटे तीर्थ स्थलों के विकास पर भी जोर दिया गया है।
औद्योगिक क्षेत्र में सेमीकंडक्टर 2.0 की शुरुआत से नोएडा में बन रहे सेमीकंडक्टर पार्क को नई गति मिलने की उम्मीद है। इससे हजारों रोजगार सृजित हो सकते हैं। वहीं, चमड़े से बने उत्पादों के सस्ते होने से कानपुर और आगरा की चमड़ा इंडस्ट्री को भी फायदा मिलेगा। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आए इस बजट में यूपी पर विशेष फोकस साफ नजर आ रहा है। हालांकि विशेषज्ञ इसे केवल चुनावी बजट मानने से इनकार कर रहे हैं।






