देहरादून, 5 जनवरी 2026:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अपने कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित प्राइड मूवमेंट सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अधिकारियों एवं जवानों को सम्मानित करते हुए उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की भावना की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सशस्त्र सीमा बल पिछले छह दशकों से देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा में एक सशक्त प्रहरी के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद, नक्सलवाद, सीमा प्रबंधन और आपदा प्रबंधन जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में एसएसबी ने जिस समर्पण और वीरता का परिचय दिया है, वह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसएसबी के जवान कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी दिन-रात देश की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।

सीएम धामी ने कहा कि एसएसबी के जवान केवल सीमाओं की रक्षा तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि खेल, सामाजिक सरोकारों और आपदा राहत कार्यों में भी उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय एसएसबी के जवान सबसे पहले मोर्चा संभालते हैं। पीड़ितों की सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों तथा उनके परिजनों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि शहीद जवानों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है। इसके साथ ही वीरता पदक से अलंकृत जवानों को मिलने वाली सम्मान राशि में भी वृद्धि की गई है ताकि उनके त्याग और शौर्य का सम्मान और अधिक सशक्त रूप से किया जा सके।
सीएम ने पीएम मोदी के मार्गदर्शन में संचालित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके अंतर्गत सीमावर्ती गांवों के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि पर्यटन, व्यापार और सामरिक दृष्टि से भी इन क्षेत्रों को नई मजबूती मिली है।
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर स्थानीय नागरिकों और सुरक्षा बलों से संवाद करते हैं। उनकी समस्याओं को समझते और विकास के लिए ठोस व निर्णायक कदम उठाते हैं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य कैलाशानन्द जी महाराज, डीआईजी एसएसबी सुधांशु नौटियाल, श्रीमती हनी पाठक सहित सशस्त्र सीमा बल के अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।






