लखनऊ, 17 मार्च 2026:
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राजधानी स्थित लोकभवन में कैलाश मानसरोवर तीर्थ की यात्रा पर जाने वाले 555 दर्शनार्थियों को सहायता राशि वितरित की। सीएम ने हर दर्शनार्थी को एक-एक लाख की चेक सौंपी। इस दौरान उन्होंने तीर्थयात्रियों से कहा श्रद्धाभाव सर्वोपरि होता है पर्यटन व मनोरंजन बाद में तभी पवित्रता व मर्यादा बनी रहेगी।
श्रद्धालुओं को यात्रा में आर्थिक सहयोग व उनकी आस्था का सम्मान करने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में माहौल भी धार्मिक दिखा। हर-हर महादेव का उद्घोष गूंजा वहीं गेरुआ वस्त्र पहने बेटियों ने शिव स्तुति की प्रस्तुति दी। सीएम ने मंच पर लाभार्थियों को सीधे सहायता राशि प्रदान की। जिससे यात्रा से जुड़े खर्चों में उन्हें राहत मिल सके।

सीएम ने कहा प्राचीन काल से ही यात्रा समाज व राष्ट्र को एकता और एकात्मता के साथ जोड़ने का सशक्त माध्यम रही है। सरकार का प्रयास रहा है कि हर तीर्थ स्थल पर श्रद्धालुओं को अच्छी सुविधाएं प्राप्त हों। उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुजन को कोई समस्या न हो, इसके लिए हमने वर्ष 2017-18 में गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण कराया। वर्ष 2025 में 164 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के विभिन्न धर्मस्थलों और क्षेत्रों में आए, जिनमें से लगभग 66 करोड़ श्रद्धालु केवल प्रयागराज महाकुंभ में शामिल हुए।
डबल इंजन सरकार का पूरा फोकस इस बात पर है कि पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए और इनके माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास को गति देते हुए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएं। उत्तर और दक्षिण को जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ने अनेक प्रयास प्रारंभ किए हैं। काशी तमिल संगमम का कार्यक्रम काशी में पिछले चार वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा है। तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश को जोड़ने का यह प्रमुख माध्यम हैं।

जब हम धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं, तो श्रद्धा भाव सर्वोपरि होना चाहिए, पर्यटन उसके बाद और मनोरंजन सबसे अंत में होना चाहिए। यदि हम इन बातों को ध्यान में रखकर यात्रा करेंगे, तो उस स्थान की पवित्रता और मर्यादा को बनाए रख पाएंगे। आप सभी ने यात्रा की कठिनाइयों, चुनौतियों और प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते हुए गत वर्ष कैलाश मानसरोवर की इस पावन यात्रा को सकुशल पूर्ण किया। इस मौके पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना व पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह भी मौजूद रहे।






