जापान/लखनऊ, 25 फरवरी 2026:
जापान दौरे के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश को निवेश के मोर्चे पर बड़ी कामयाबी मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में जापान की कई प्रमुख कंपनियों के साथ करीब 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इन करारों से प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कई सेक्टर में निवेश, मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बल
जिन कंपनियों के साथ समझौते हुए उनमें कुबोता कॉरपोरेशन, मिंडा कॉरपोरेशन, जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री, नागासे एंड कंपनी लिमिटेड, सीको एडवांस, ओ एंड ओ ग्रुप, फूजी जापनीज जेवी और फूजीसिल्वरटेक कंक्रीट प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
ये निवेश कृषि यंत्र निर्माण, औद्योगिक मशीनरी, जल और पर्यावरण इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक प्रिंटिंग, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में होंगे। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश की विनिर्माण क्षमता मजबूत होगी और रोजगार के नए मौके पैदा होंगे।
कृषि मशीनरी और फार्म मैकेनाइजेशन पर फोकस
कुबोता कॉरपोरेशन जापान की पुरानी और प्रतिष्ठित कंपनी है, जो ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, इंजन और निर्माण उपकरण बनाने के लिए जानी जाती है। कंपनी जल प्रबंधन और पर्यावरण समाधान से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर भी काम करती है। भारत में एस्कॉर्ट्स कुबोता लिमिटेड के साथ मिलकर यह कंपनी कृषि क्षेत्र में अपनी मौजूदगी लगातार बढ़ा रही है।
मिंडा कॉरपोरेशन, जो स्पार्क मिंडा समूह का हिस्सा है, ऑटोमोटिव कंपोनेंट निर्माण में अहम भूमिका निभाती है। वहीं जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री ऑटोमोबाइल और एयरोस्पेस सेक्टर के लिए एडवांस कनेक्टर और इलेक्ट्रॉनिक इंटरफेस तैयार करती है। नागासे एंड कंपनी लिमिटेड के साथ सहयोग से एडवांस मैटेरियल्स और मोबिलिटी सॉल्यूशंस के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।
प्रिंटिंग, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट में भी विस्तार
सीको एडवांस हाई परफॉर्मेंस स्क्रीन प्रिंटिंग इंक और कोटिंग सॉल्यूशंस के लिए जानी जाती है, जिनका इस्तेमाल ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंडस्ट्रियल ग्राफिक्स में होता है। इसके अलावा ओ एंड ओ ग्रुप ने हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को लेकर सहमति जताई है। पहले दिन हुए ये समझौते भारत और जापान के बीच औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं।






