लखनऊ, 22 फरवरी 2026:
सीएम योगी आदित्यनाथ ने राजधानी में सुशांत गोल्फ सिटी स्थित आईबीएम सेण्टर आफ एक्सीलेन्स का उद्घाटन किया। इस मौके पर सीएम ने कहा कि तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव रखेंगे।
उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री के विजनरी नेतृत्व में भारत ने समग्र विकास की एक नई आधारशिला स्थापित की है। इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर डीप-टेक क्षेत्र तक, पिछले 11 वर्षों में देश ने जिन ऊंचाइयों को हासिल किया है, वह न केवल उल्लेखनीय हैं बल्कि पूरी दुनिया के लिए आकर्षण और अध्ययन का विषय भी बनी हुई हैं। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा पारित बजट में रोबोटिक्स के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने हेतु विशेष धनराशि का प्रावधान किया गया है। इससे पहले ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए बजट में व्यवस्था की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का प्रभावी उपयोग कर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। इसी दृष्टि से प्रदेश सरकार ने लखनऊ को एआई सिटी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लगभग सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस क्रियाशील हैं और सभी केंद्र अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एसजीपीजीआईएमएस उल्लेखनीय योगदान दे रहा है, वहीं आईआईटी कानपुर तकनीकी नवाचार और शोध के क्षेत्र में देश का अग्रणी संस्थान बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि AI कैसे अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के जीवन में बदलाव ला सकता है यह स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमने देखा है। स्कूल दूर होने के कारण बेटी स्कूल नहीं जा पाती थी, गांव में स्कूल खोल दिए गए फिर भी कोई स्कूल भेजने को तैयार नहीं था। लोग स्कूल खोल देते थे भले उसमें कोई न जाए लेकिन जब डाटा एकत्रित किया गया, AI टूल के माध्यम से उसका विश्लेषण किया गया तो पता चला कि ड्रॉपआउट रेट का कारण है बेटियों के लिए शौचालय का अभाव। इस अभियान को प्रधानमंत्री को आगे बढ़ाया और हमने हर स्कूल में बालक, बालिकाओं के लिए शौचालय और पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि देश का पहला कंप्यूटर आईबीएम द्वारा आईआईटी कानपुर में स्थापित किया गया था और आज डिजिटल इंडिया की सफलता विभिन्न मंचों के माध्यम से दुनिया के सामने प्रस्तुत हो रही है।
प्रदेश में तकनीकी विकास को आगे बढ़ाने के लिए नोएडा स्थित कैंपस में क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए आईबीएम को भवन उपलब्ध कराने में आईआईटी कानपुर सहयोग करने को तैयार है। इसके साथ ही राज्य सरकार एमआईडीटेक परियोजना पर भी आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर कार्य कर रही है। ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे भविष्य की तकनीकों में उत्तर प्रदेश की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
सीएम ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक आने वाले समय में विकास की दिशा तय करेंगे और उत्तर प्रदेश को तकनीकी रूप से अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में यह केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रदेश सरकार प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का लगातार उपयोग कर रही है। आईबीएम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से सरकारी सेवाओं में एआई आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे, जिससे ई-गवर्नेंस को नई गति मिलेगी और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने बताया कि यह केंद्र डेटा एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल इनोवेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं, स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों को भी तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा। इससे प्रदेश में आईटी और नवाचार आधारित रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से निवेश और तकनीकी विकास का बड़ा केंद्र बन रहा है और सरकार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने सेंटर की कार्यप्रणाली और संभावित परियोजनाओं की जानकारी दी।






