लखनऊ, 14 फरवरी 2026:
यूपी विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित हो रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक फॉर्म-7 के माध्यम से दर्ज आपत्तियों का आयोग सत्यापन करता है। यदि संबंधित व्यक्ति स्वयं उपस्थित होकर आपत्ति को गलत साबित करता है तो उसे तत्काल निरस्त कर दिया जाता है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष समाज को माता के नाम, शंकराचार्य के नाम और एसआईआर के नाम पर भ्रमित कर रहा है जबकि सरकार का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रक्रिया पारदर्शी है तो विपक्ष उसका समर्थन क्यों नहीं कर रहा।
उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि एएसडी (एब्सेंट, शिफ्टिंग, डेथ) श्रेणी में अब तक 2 करोड़ 88 लाख से अधिक नाम सामने आए हैं। इनमें 46 लाख 23 हजार मृतकों के नाम शामिल हैं। करीब एक करोड़ 39 लाख लोग स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके थे। 25 लाख 47 हजार डुप्लिकेट प्रविष्टियां मिलीं और लगभग 80 लाख नाम एब्सेंट श्रेणी में पाए गए। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े मतदाता सूची की शुद्धता के लिए एसआईआर की जरूरत को रेखांकित करते हैं।
बेहतर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने माघ मेला की सफलता को सरकार के प्रति जनता के भरोसे का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि 2013 के कुंभ में जहां करीब 12 करोड़ श्रद्धालु आए थे, वहीं मौजूदा माघ मेले में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की जा चुकी है।
राज्यपाल के अभिभाषण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उसमें सरकार की उपलब्धियों और भावी योजनाओं का स्पष्ट खाका है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित है। अपराधियों में भय है। गरीबों को सम्मान मिल रहा है। किसान सशक्त हो रहे और युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। गांवों तक बिजली पहुंचने और विरासत व विकास के साथ आगे बढ़ते उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने 2029-30 तक प्रदेश को देश की नंबर वन अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को दोहराया।






