लखनऊ, 26 नवंबर 2025:
यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में 76वें संविधान दिवस के अवसर पर बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ करते हुए देश को कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने संविधान रचयिता ‘भारत रत्न’ बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की स्मृतियों को नमन किया।
सीएम योगी ने कहा कि संविधान भारत के लोकतांत्रिक चरित्र की नींव है। इसकी मूल भावना न्याय, समता और बंधुता में निहित है। उन्होंने डॉ. अंबेडकर की प्रखर दृष्टि और अथक परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि हमारा संविधान विश्व की सबसे सशक्त और समावेशी लोकतांत्रिक परंपराओं का प्रतीक है।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि भारत दुनिया का अकेला ऐसा देश है जिसने प्रारंभ से ही सभी वयस्क नागरिकों को मताधिकार दिया। 26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत हुआ था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 2015 से हर वर्ष इस दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। संविधान सभा ने 2 वर्ष 11 माह 18 दिनों की कठिन साधना के बाद इसे तैयार किया। इसमें अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद और डॉ. अंबेडकर की ड्राफ्टिंग कमेटी की भूमिका ऐतिहासिक रही।
सीएम योगी ने कहा कि आज स्वतंत्रता की कीमत भूलते जा रहे लोग केवल अधिकारों की बात करते हैं जबकि मजबूत लोकतंत्र के लिए कर्तव्यों का पालन आवश्यक है। उन्होंने चेताया कि कर्तव्यहीनता लोकतंत्र को कमजोर बनाती और तानाशाही को जन्म देती है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि संविधान का अनादर करना, बाबा साहेब अंबेडकर और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष का अनादर है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि देश के हर नागरिक द्वारा अपने कर्तव्यों का पालन ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को साकार करेगा।






