लखनऊ, 21 जनवरी 2026:
यूपी विधानभवन परिसर में आयोजित तीन दिवसीय 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन सत्र को बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत संसद और विधानसभाएं हैं। इनका मूल उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज को सदन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यदि कोई विधानसभा संसद के नियमों और परंपराओं का गहन अध्ययन कर ले तो उसे अपने सदन का संचालन करने में कोई कठिनाई नहीं आती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष के साथ विस्तृत चर्चा के बाद संसद की तर्ज पर नियमावली में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य अधिक से अधिक जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करना है जिससे हर वर्ग और क्षेत्र की बात सदन में मजबूती से रखी जा सके। उन्होंने बताया कि हाल ही में विधानसभा में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ और ‘आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। इसमें 300 से अधिक विधायक उपस्थित रहे।
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सदनों की कार्यवाही अनुशासन और गरिमा के साथ सुचारु रूप से संचालित होती है। विधानसभा और विधान परिषद में बड़े स्तर पर पेपरलेस कार्यप्रणाली अपनाई गई है। इससे पारदर्शिता बढ़ी और कार्यकुशलता में सुधार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि यूपी विधानसभा देश के ज्वलंत मुद्दों पर लगातार गंभीर और सार्थक चर्चा का मंच बनी है।

मुख्यमंत्री ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर दोनों सदनों में मौलिक अधिकारों पर हुई चर्चा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सम्मेलन को उन्होंने सीखने और सिखाने का साझा मंच बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों को नई ऊर्जा, नई सोच और नई प्रेरणा देते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन देश की विधायी संस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।






