न्यूज डेस्क, 9 अप्रैल 2026:
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के महज 24 घंटे बाद ही यह समझौता विवादों में घिर गया है। सीजफायर लागू होने के बावजूद इजराइल ने लेबनान में अब तक के सबसे भीषण हमले किए। इनमें एक ही दिन में करीब ढाई सौ लोगों की मौत हो गई जबकि 11 सौ से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस त्रासदी के बाद लेबनान में राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया गया है।
ईरान ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि युद्धविराम की शर्तों में लेबनान पर हमले रोकना भी शामिल था.लेकिन इजराइल ने इसका उल्लंघन किया। वहीं इजराइल ने साफ किया है कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं था। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी यही रुख दोहराया।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ ने अमेरिका पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि 10 बिंदुओं वाले प्रस्ताव की तीन शर्तों का उल्लंघन हो चुका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पर भरोसा न करने की वजह उसकी पुरानी आदत है। वह बार-बार अपने वादे तोड़ता रहा है।

लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने हालात को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार इजराइली हमलों को रोकने के लिए सभी राजनीतिक और कूटनीतिक विकल्पों का इस्तेमाल कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री रकान नासेरद्दीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है क्योंकि बड़ी संख्या में घायलों के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है।
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे तय करना होगा कि वह सीजफायर लागू करता है या इजराइल के जरिए युद्ध जारी रखता है। दोनों एक साथ नहीं चल सकते।
तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर प्रति बैरल एक डॉलर टैक्स लगाने की योजना बनाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह भुगतान बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी में लिया जाएगा। ईरानी अधिकारी हामिद होसैनी के अनुसार इसका उद्देश्य हथियारों की संभावित आवाजाही को रोकना है। जहाजों को पहले अपने कार्गो की पूरी जानकारी ईमेल के जरिए देनी होगी तभी उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी।
उधर दक्षिण लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। हारूफ शहर के बाद अब अल-दुवैर (खेरबेट एल-दुवैर) को निशाना बनाया गया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। पूरे घटनाक्रम ने मध्य-पूर्व में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है और वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
दूसरी तरफ पाकिस्तान ने अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले इस्लामाबाद में दो दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। प्रशासन ने इसके पीछे स्पष्ट कारण नहीं बताया लेकिन इसे सुरक्षा तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।






