Lucknow City

धर्मांतरण व यौन शोषण केस : 50 हजार के इनामी KGMU के डॉ. रमीज की संपत्ति कुर्की की कार्रवाई तेज

लखन के साथ पीलीभीत और उत्तराखंड स्थित उसके तीन ठिकानों पर पुलिस ने चस्पा किए नोटिस, केजीएमयू की महिला रेजीडेंट के यौन शोषण और धर्मांतरण की कोशिश के केस में फरार है रमीज, माता-पिता की गिरफ्तारी के बाद रिश्तेदारों से पूछताछ

लखनऊ, 8 जनवरी 2026:

यौन शोषण और धर्मांतरण की कोशिश के गंभीर आरोपों में वांटेड केजीएमयू के रेजीडेंट डॉक्टर रमीज मलिक पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी रमीज की गिरफ्तारी न हो पाने पर पुलिस ने उसकी संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस क्रम में लखनऊ, पीलीभीत और उत्तराखंड स्थित उसके तीन ठिकानों पर कुर्की के नोटिस चस्पा किए गए हैं।

पुलिस की टीमें लखनऊ के हुसैनाबाद स्थित फ्लैट, पीलीभीत के न्यूरिया स्थित पैतृक आवास और उत्तराखंड के खटीमा स्थित मकान पर पहुंचीं और वहां विधिवत कुर्की के नोटिस लगाए। साथ ही पुलिस ने पीलीभीत और उत्तराखंड पुलिस के सहयोग से आरोपी की चल-अचल संपत्तियों का विस्तृत ब्योरा भी जुटाना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि तय समय सीमा के भीतर रमीज ने आत्मसमर्पण नहीं किया तो उसकी संपत्तियों को विधिक प्रक्रिया के तहत कुर्क कर लिया जाएगा।

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इस बीच रमीज के माता-पिता सलीमुद्दीन और खदीजा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनसे और अन्य रिश्तेदारों से पूछताछ कर कई अहम जानकारियां हासिल की हैं। इसके बावजूद आरोपी डॉक्टर लगातार फरार है। उसकी तलाश में लखनऊ पुलिस की तीन विशेष टीमें उत्तराखंड, शाहजहांपुर, नोएडा और दिल्ली में लगातार दबिश दे रही हैं। लखनऊ पुलिस के अधिकारियों ने पीलीभीत और खटीमा के पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी साझा की और हर संभावित सुराग पर नजर रखने की बात कही। thehohalla news

मालूम हो कि केजीएमयू की एक महिला रेजीडेंट डॉक्टर ने हाल ही में रमीज मलिक पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने, जबरन गर्भपात कराने और बाद में धर्मांतरण का दबाव डालने के गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िता ने अपनी एफआईआर में बताया कि मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर उसने 17 दिसंबर को आत्महत्या का प्रयास भी किया था। वह एमडी की पढ़ाई कर रही है।

जांच के दौरान सामने आया कि फरवरी 2025 में रमीज ने एक अन्य महिला डॉक्टर का कथित तौर पर धर्मांतरण कराकर उससे निकाह किया था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने उस महिला से संपर्क कर मजिस्ट्रेट के समक्ष उसका गोपनीय बयान दर्ज कराया जिसमें उसने धर्म परिवर्तन और पीलीभीत ले जाकर निकाह कराने की पुष्टि की।

इस मामले में रमीज के माता-पिता के अलावा निकाह कराने वाले काजी सैयद जाहिद हसन और गवाह शारिक खान की भूमिका सामने आने पर उन्हें भी नामजद किया गया है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रमीज की कथित पहली पत्नी भी पेशे से डॉक्टर है। दोनों की मुलाकात आगरा में पढ़ाई के दौरान हुई थी। युवती मूल रूप से नोएडा की रहने वाली बताई जा रही है।

धर्मांतरण के बाद एक डॉक्टर से निकाह करने वाला रमीज केजीएमयू की एक महिला रेजीडेंट पर शादी के लिए धर्मांतरण का दबाव डाल रहा था। पुलिस का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और सभी तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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