बाराबंकी, 22 नवंबर 2025:
नौ साल पुराने किसान कैलाश की मौत के मामले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए बिजली विभाग के रामनगर स्थित विद्युत वितरण खंड-II कार्यालय पर कुर्की की कार्रवाई कराई। दोपहर में तहसील प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्यालय को सील कर नोटिस चस्पा किया। यह कार्रवाई 2016 में खुले बिजली तार की चपेट में आने से किसान की मौत के मामले में लंबित मुआवजे पर हुई है।
मसौली क्षेत्र निवासी मृतक किसान कैलाश की पत्नी शिवदेवी और बेटा अशोक कुमार 2017 से मुआवजे और न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे। न सुनवाई हुई, न कोई आर्थिक मदद मिली। आखिरकार परिवार ने बाराबंकी कोर्ट नंबर-20 में याचिका दायर की, जिसके बाद कोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए कुर्की का आदेश दिया। इसके बाद 9 साल में पहली बार परिवार को न्याय की उम्मीद दिखाई दी।
कैलाश के तीन बेटे अशोक कुमार, पिंटू और रवि और चार बेटियां थीं। बड़ी बेटी केतकी व मंझली बेटी पूजा की शादी हो चुकी है। इससे परिवार पर अभी भी करीब 3 लाख का कर्ज है। दो बेटियां आरती और अंशिका अब भी अविवाहित हैं, जबकि छोटे बेटे रवि की शादी भी बाकी है। परिवार भूमिहीन है और सारी जिम्मेदारी बड़े बेटे अशोक के कंधों पर है। इसके बावजूद उन्होंने संघर्ष जारी रखा।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल, तहसील की टीम और रामनगर पुलिस बिजली विभाग के कार्यालय पहुंची और कोर्ट द्वारा निर्धारित लगभग 10 लाख रुपये की कुर्की की प्रक्रिया पूरी की। मृतक के बेटे अशोक कुमार ने कहा हम 9 साल से न्याय के लिए भटक रहे थे। आज पहली बार लगा कि हमारी आवाज अदालत तक पहुंची है।






