हरदोई, 9 जनवरी 2026 :
न्यायालय के आदेशों की अनदेखी और कोर्ट को गुमराह करने के गंभीर मामले में बेनीगंज कोतवाल ओम प्रकाश सरोज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। यह निर्देश अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन कोर्ट संख्या-5 की जज साक्षी चौधरी ने जारी किए हैं। साथ ही, इस प्रकरण में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
मामला 3 दिसंबर 2025 का है, जब पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मवेशी चोरी के आरोपी कल्लू और सलमान को गिरफ्तार किया था। दोनों के पैर में गोली लगने के कारण उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसी दिन पुलिस ने कोर्ट से 15 दिन की रिमांड मांगी थी।
न्यायालय ने दोनों आरोपियों को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया था। इसके बावजूद विवेचक ओपी सरोज ने आरोपियों को जेल भेजने के बजाय अपनी अवैध हिरासत में रखा। गत 15 दिसंबर को मामला तब खुला, जब पुलिस दोबारा रिमांड की अर्जी लेकर कोर्ट पहुंची। जज ने जब पूछा कि आरोपी जेल में क्यों नहीं हैं, तो पहले जानकारी छिपाने की कोशिश की गई। बाद में कोतवाल ने जेल प्रशासन पर आरोप मढ़ते हुए कहा कि घायलों को जेल में लेने से मना कर दिया गया था।
हालांकि, जेल अधीक्षक अमन कुमार सिंह की रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज से साफ हो गया कि पुलिस आरोपियों को लेकर जेल पहुंची ही नहीं थी। इससे कोतवाल का दावा झूठा साबित हो गया। इसके बाद ओपी सरोज ने अपनी गलती कबूल करते हुए कहा कि वे आरोपियों को इलाज के लिए केजीएमयू लखनऊ ले गए थे ताकि उनकी जान बचाई जा सके। मगर कोर्ट ने इसे कानून की अवहेलना और अवैध हिरासत करार दिया।
न्यायालय ने अपने आदेश में साफ कहा कि पुलिस ने न सिर्फ कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया, बल्कि झूठा हलफनामा देकर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश भी की। अब इस पूरे मामले में कोतवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी और अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जाएगी।






