लखनऊ, 22 जनवरी 2026:
यूपी दिवस के अवसर पर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान एक नए और भव्य स्वरूप में सामने आने जा रही है। लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के गांव-गांव से चयनित प्रतिभाओं को अपनी कला के प्रदर्शन का ऐतिहासिक अवसर मिलेगा। यह आयोजन संस्कृति विभाग द्वारा संचालित राज्य स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता हमारी संस्कृति-हमारी पहचान (संस्कृति उत्सव 2025-26) का महत्वपूर्ण चरण है।
इस बहुस्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 10 से 15 जनवरी तक ग्राम, पंचायत, ब्लॉक और तहसील स्तर पर किया गया। इसके बाद 17 से 19 जनवरी तक जनपद स्तर की प्रतियोगिताएं संपन्न हुईं। गुरुवार को मंडल स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। मंडल स्तर पर प्रदेश के सभी 18 मंडलों से चयनित प्रतिभागियों ने भाग लेकर अपनी कला का प्रभावी प्रदर्शन किया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रदेश की लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को संरक्षित करने के साथ-साथ नवोदित कलाकारों को एक मजबूत मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में प्रदेश के मूल निवासी किशोर (14 से 20 वर्ष) और युवा (21 से 25 वर्ष) कलाकारों को गायन, वादन, शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य, लोकनाट्य, सुगम संगीत, जनजातीय व लोक वाद्य यंत्र तथा काव्य पाठ जैसी विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
उन्होंने बताया कि चयनित कलाकारों को 24 से 26 जनवरी के बीच लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल में सम्मानित किया जाएगा और उन्हें पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने कहा कि संस्कृति उत्सव 2025-26 ने यह सिद्ध किया है कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक प्रतिभाएं किसी भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी सशक्त पहचान बनाने में सक्षम हैं। संस्कृति विभाग का यह प्रयास प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ नई पीढ़ी को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सशक्त पहल है।






