लखनऊ, 6 अप्रैल 2026:
यूपी के वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याओं को लेकर आंदोलन तेज होने जा रहा है। सोमवार को लखनऊ के जय नारायण इंटर कॉलेज (केकेसी) में आयोजित उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की राज्य परिषद की बैठक में उत्तर प्रदेश वित्तविहीन शिक्षक सेवा सुरक्षा एवं कल्याण बोर्ड या आयोग के गठन की मांग सर्वसम्मति से पारित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष सुरेश कुमार त्रिपाठी ने की।
संगठन के प्रादेशिक उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता डॉ. आरपी मिश्र और महामंत्री नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए 2 मई को प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान एनपीएस शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण, बकाया भुगतान, लंबित पदोन्नतियां, चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान प्रकरणों का निपटारा, शिक्षकों को उत्पीड़न से संरक्षण और एनपीएस कटौती को जीपीएफ खाते में जमा कराने जैसी प्रमुख मांगें उठाई जाएंगी।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि चयन बोर्ड अधिनियम की धारा 18 और 21 की वापसी, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, समान कार्य के लिए समान वेतन और 22 मार्च 2016 की राजाज्ञा से आच्छादित शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ देने सहित विभिन्न मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। इसके अलावा वंचित तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
राजपरिषद में 31 मार्च को सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों के पेंशन, जीपीएफ और अन्य देयकों के भुगतान की मंडलवार समीक्षा भी की गई। बैठक के अंत में संगठन के प्रदेशीय मंत्री कृष्ण यादव के निधन पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर एमएलसी नेता शिक्षक दल ध्रुव कुमार त्रिपाठी, पूर्व एमएलसी जगवीर किशोर जैन, संरक्षक इंद्रासन सिंह, ठाकुर प्रसाद यादव, डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र, हेमराज सिंह गौर, शिवकुमार यादव, देव भाष्कर तिवारी, अवधेश सिंह, बृजेश राय डॉ. आरके त्रिवेदी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।






