लखनऊ, 13 जनवरी 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा है कि प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास समय की जरूरत है लेकिन यह पर्यावरण की कीमत पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस साल प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सीएम ने कहा कि सरकार की नीति के मुताबिक किसी भी परियोजना में वृक्षों की कटान केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही की जाए। यदि कहीं पेड़ काटे जाते हैं तो उससे अधिक संख्या में पौधरोपण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बना रहे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलावार समीक्षा करते हुए उन्होंने एनएचएआई के स्थानीय अधिकारियों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर, सतत और प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। सीएम ने निर्देश दिए कि हर जनपद के डीएम एनएचएआई से जुड़ी परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करें। किसी भी स्तर पर यदि कोई विषय लंबित हो तो उसे मुख्य सचिव की सोमवारीय समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाए जिससे समयबद्ध समाधान हो सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मुख्य सचिव स्वयं इन परियोजनाओं की पाक्षिक समीक्षा करें जिससे अनावश्यक विलंब को रोका जा सके और निर्णय तेजी से लिए जाएं। भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासन सीधे किसानों से संवाद स्थापित करे। किसी भी स्थिति में बिचौलियों को हस्तक्षेप का अवसर न मिले, ताकि किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहें और परियोजनाएं पूर्ण पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ें।
सीएम योगी ने कहा कि सड़क परियोजनाएं प्रदेश के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और आमजन की सुविधा से सीधे तौर पर जुड़ी हैं। इसलिए सभी कार्य उच्च गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि उत्तर प्रदेश में सुदृढ़ कनेक्टिविटी के माध्यम से विकास को नई गति मिल सके।






