देहरादून, 25 फरवरी 2026:
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने विकास की रफ्तार तेज करने वाले कई बड़े फैसलों पर मुहर लगा दी। सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 28 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.11 लाख करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी मिल गई। यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने बजट में आवश्यक संशोधन करने का अधिकार भी मुख्यमंत्री को सौंपा है जिससे विधानसभा सत्र के दौरान जरूरत के मुताबिक बदलाव किए जा सकें।
शासन-प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में यूनाइटेड इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) के ढांचे में 14 नए पद सृजित करने, सहायक महाप्रबंधक (लेखा) के पदनाम में बदलाव और ऑफिस बॉय के मानदेय संशोधन को मंजूरी दी गई। शहरी निकायों में पर्यावरणीय निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए राज्य के सभी 11 नगर निगमों में पर्यावरण अभियंता के पद संविदा पर सृजित होंगे। इसके साथ ही उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह ‘क’ और ‘ख’ के कर्मचारियों की सेवा नियमावली 2026 को भी हरी झंडी मिली।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना के दायरे को बढ़ाकर 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को शामिल किया गया है। पुस्तकालय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड पुस्तकालय योजना को भी मंजूरी दी गई। जल संसाधनों के कुशल उपयोग के लिए उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग की नीति 2026 और विश्व बैंक पोषित उत्तराखंड दक्ष जलापूर्ति कार्यक्रम के क्रियान्वयन को स्वीकृति मिली। कृषि और ग्रामीण आजीविका के मोर्चे पर सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना 2026 और मौन पालन नीति 2026 को आगे बढ़ाया गया है।
पोषण कार्यक्रमों में भी बड़ा विस्तार किया गया। मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान ‘बाल पालाश’ के तहत 3 से 6 वर्ष के बच्चों को दी जाने वाली सामग्रियों में नए पोषक तत्व जोड़े जाएंगे। वहीं मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना में अंडा, दूध और केले के साथ अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करने का निर्णय लिया गया। कर व्यवस्था में सुधार के लिए उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक को पुनः विधानसभा में प्रस्तुत करने और जीएसटी अपीलीय अधिकरण की राज्यपीठ देहरादून में बनाए रखने के साथ हल्द्वानी में अतिरिक्त पीठ/सर्किट बेंच खोलने को मंजूरी दी गई।
न्यायिक ढांचे को मजबूत करने के लिए देहरादून (विकासनगर), उधम सिंह नगर (काशीपुर) और नैनीताल मुख्यालय में तीन नए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट स्थापित होंगे। साथ ही नैनीताल हाईकोर्ट के लिए एक और जिला न्यायालयों के लिए 13 कोर्ट मैनेजर पद सृजित किए जाएंगे। कारागार प्रशासन में लिपिकीय संवर्ग का पुनर्गठन होगा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत तदर्थ एवं संविदा पर कार्यरत चार विशेष शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा विभाग में नियमित नियुक्ति देने का फैसला भी किया गया। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के मुताबिक बैठक में 32 विषयों पर चर्चा हुई। उनमें से 28 को अंतिम मंजूरी दी गई और राज्य के अगले बजट सत्र की दिशा भी तय हो गई।






