Lucknow City

लखनऊ में आज से महंगाई का डबल झटका : घर बनाना, समारोह करना हुआ महंगा

एलडीए ने बढ़ाया मानचित्र शुल्क, नगर निगम ने कल्याण मंडपों का किराया 40% तक बढ़ाया, होटल-रेस्टोरेंट समेत कई लाइसेंस फीस दोगुनी

लखनऊ, 1 अप्रैल 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में आज से आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना शुरू हो गया है। नगर निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा हाल ही में बढ़ाए गए विभिन्न शुल्क आज (1 अप्रैल) से लागू हो गए हैं। इससे घर बनवाने से लेकर शादी-ब्याह जैसे आयोजनों तक की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हो गई है।

सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो नया मकान बनाने की योजना बना रहे हैं। एलडीए ने भवन मानचित्र (नक्शा) स्वीकृति शुल्क में करीब 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। अब विकास शुल्क 2475 रुपये से बढ़कर 2564 रुपये हो गया है। इसके अलावा आवासीय और व्यावसायिक भवनों के निरीक्षण शुल्क, अनुज्ञा शुल्क और विकास अनुज्ञा शुल्क में भी इजाफा किया गया है। अब घर बनाने की प्रक्रिया पहले से अधिक महंगी हो गई है।

दूसरी तरफ नगर निगम ने शहर के विभिन्न कल्याण मंडपों और सामुदायिक केंद्रों के किराए में लगभग 40 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी है। महानगर स्थित कल्याण मंडप का किराया 64,800 रुपये से बढ़ाकर 90,720 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह महानगर के भूतल लॉन सहित किराया 43,200 से बढ़कर 60,480 रुपये और प्रथम तल का किराया 21,600 से बढ़कर 30,240 रुपये हो गया है।

अन्य प्रमुख स्थलों में भी किराए में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। जियामऊ कल्याण मंडप का किराया 45,660 से बढ़कर 63,924 रुपये, मानसरोवर कल्याण मंडप 88,500 से बढ़कर 1,23,900 रुपये और विकास नगर सेक्टर-1 का किराया 59,000 से बढ़कर 82,600 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा लालकुआं, गणेशगंज, नरही, आनंदनगर और सरस्वती नगर जैसे क्षेत्रों के मंडपों के किराए में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

आम नागरिकों के साथ ही व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी इसका असर पड़ेगा। नगर निगम ने होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम, अस्पताल, क्लीनिक, पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटर के लाइसेंस शुल्क को दोगुना से लेकर पांच गुना तक बढ़ा दिया है। इससे इन सेवाओं की लागत बढ़ने की आशंका है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है।

आज से लागू इन नई दरों ने लखनऊवासियों के लिए घर बनाना, व्यवसाय चलाना और सामाजिक आयोजन करना सभी कुछ महंगा कर दिया है। अब देखना होगा कि इसका शहर की आर्थिक गतिविधियों और आम लोगों के बजट पर कितना प्रभाव पड़ता है।

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