लखनऊ, 4 जनवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में रोज का ट्रैफिक जाम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। नए साल के मौके पर हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए। शहर के प्रमुख इलाकों में भीषण जाम लग गया। सड़कों पर गाड़ियां रेंगती रहीं और लोग घंटों जाम में फंसे रहे। सीएम योगी के सख्त निर्देशों के बावजूद भीषण जाम की स्थिति सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठे। इसके बाद कार्रवाई शुरू हुई है। कई चौकी प्रभारी लाइन हाजिर किए गए हैं।
ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए हजरतगंज इलाके में ई-रिक्शा के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। डीसीपी ट्रैफिक कमलेश दीक्षित के अनुसार हजरतगंज में ई-रिक्शा जाम का बड़ा कारण बन रहे थे। इसलिए यह फैसला लिया गया। साथ ही अतिक्रमण हटाने और यातायात सुचारु रखने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। https://thehohalla.com/alert-ahead-of-new-years-eve-road-restrictions/

मालूम को न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए शहर के अलग-अलग इलाकों में लाखों लोग घरों से निकले थे। हजरतगंज, चौक, ठाकुरगंज, सतखंडा, हुसैनाबाद, रूमी गेट और पुराने लखनऊ के कई हिस्सों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। लोगों की भीड़ के चलते हनुमत धाम और हनुमान सेतु जाने वाले रास्तों पर भी लंबा जाम लगा रहा, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने समीक्षा बैठक बुलाई। जांच में सामने आया कि पुराने लखनऊ के कई इलाकों में तैनात पुलिसकर्मियों ने अतिक्रमण हटाने में लापरवाही बरती। बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद सतखंडा, हुसैनाबाद और रूमी गेट के आसपास ठेले-खोमचे और अवैध कब्जे हटवाए नहीं गए, जिससे सड़कें संकरी हो गईं और वाहनों का दबाव बढ़ गया।
इस लापरवाही पर डीसीपी पश्चिम ने सख्त रुख अपनाते हुए चौकी प्रभारी सतखंडा सतेंद्र सिंह, चौकी प्रभारी हुसैनाबाद दिलीप चौबे और चौकी प्रभारी रूमी गेट कुलदीप कुशवाहा को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं चौकी प्रभारी पुराना हाईकोर्ट विनोद सिंह और रिवर बैंक चौकी प्रभारी रणविजय सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। बताया गया कि जाम की सूचना मिलने पर जब इन दोनों चौकी प्रभारियों से जानकारी मांगी गई लेकिन उन्हें स्थिति की भनक तक नहीं थी। thehohalla news

इसके अलावा चौक क्षेत्र में जाम की समस्या को लेकर ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई) जमानत अब्बास के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीसीपी ट्रैफिक को रिपोर्ट भेजी गई है। माना जा रहा है कि उनके खिलाफ भी विभागीय जांच शुरू होगी। लंबे समय से केजीएमयू और नक्खास के पास ई-रिक्शा और ठेले वालों के अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं, जिस पर अब प्रशासन सख्ती के मूड में दिख रहा है।






