बाराबंकी, 29 नवंबर 2025:
जीने की तमन्ना और कुछ कर गुजरने की चाहत किसी उम्र की मोहताज नही होती। 65 से 95 साल के लगभग एक सैकड़ा वरिष्ठ नागरिकों ने अपने हक पाने की चाहत से धुंधलाती शाम को अपने हौंसलों से रोशन कर दिया। ये नजारा दिखा जिला मुख्यालय पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों के डेढ़ किमी. लंबे कैंडिल मार्च में। इससे पूर्व कर्मचारी नेताओं ने बैठक में साफ कहा कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों को उनके कल्याण के अधिकारों से वंचित करती है तो वंरिष्ठ नागरिक भी सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर सकते हैं।

दरअसल सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन द्वारा शनिवार की शाम लखपेड़ाबाग चौराहा स्थित अपने कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक कैडिल मार्च निकाला। इस कैण्डिल मार्च में ऐसे भी वरिष्ठ नागरिक जिनकी उम्र 90 साल से अधिक और अस्वस्थता के कारण व्हील चेयर का सहारा लेकर हिस्सा लिया।
अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा ने जिलाधिकारी को सौपे गये ज्ञापन में कहा गया है कि केन्द्रीय आठवें वेतन आयोग के गठन विषयक भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) के संकल्प पत्र को देखते ही देश भर के पेंशनरों में निराशा एवं क्षोभ व्याप्त हो गया है। इसका मुख्य कारण पूर्व में अभी तक गठित केन्द्रीय वेतन आयोगों के विषय बिन्दु में पेंशनरों की पेंशन एवं अन्य लाभों का संदर्भ शामिल रहता रहा है, परन्तु मौजूदा आठवें वेतन आयोग के संकल्प पत्र में इस विषय को छोड़ दिया गया है। पूर्व अनुभव बताते हैं कि वेतन आयोगों के गठन के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि वेतन आयोग की अनुसंशाओं को लागू करने की तिथि के पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन पुनरीक्षण को वेतन आयोग के दायरे से बाहर कर दिया गया है।

वरिष्ठ नागरिकों ने मांग रखी कि आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू होने की तिथि के पूर्व के पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों की पेंशन पुनरीक्षण एवं अन्य लाभों से सम्बन्धित मामला पूर्व वेतन आयोगों की भांति आठवें वेतन आयोग को भी तत्काल संदर्भित किया जाये तथा पुराने पेंशनरों की पेंशन एवं पारिवारिक पेंशन का पुनरीक्षण तथा अन्य लाभों से सम्बन्धित प्रकरण आठवें वेतन आयोग के ‘टर्म्स आफरिफ्रेन्स’ में पेंशन पुनरीक्षण एवं अन्य लाभों को विचारार्थ विषय बिंदु में शामिल किया जाए।
कैडिल मार्च में अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा के साथ महामंत्री अशोक कुमार सोनी, पूर्व न्यायाधीश रामचंद्र निगम, पूर्व सीएमएस डॉ एससी सोनकर, सुशीला बाजपेई, मुन्नी सिंह, सुशीला अंसारी, सुरेन्द्र कुमार वर्मा, राजेश गुप्ता, राम यज्ञ सरोज आदि एक सैकड़ा लोगों ने हिस्सा लिया।






