मनोरंजन डेस्क, 9 जनवरी 2026:
बॉलीवुड के मल्टीटैलेंटेड कलाकार फरहान अख्तर आज अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। निर्देशन, अभिनय, गायकी और लेखन, हर क्षेत्र में खुद को साबित करने वाले फरहान की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। स्टार किड होने के बावजूद उनकी राह आसान नहीं रही। एक दौर ऐसा भी आया, जब मां की डांट और घर से निकालने की धमकी ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी।
स्टार किड होने के बावजूद कम नहीं था संघर्ष
9 जनवरी 1974 को जन्मे फरहान अख्तर मशहूर गीतकार जावेद अख्तर और लेखिका हनी ईरानी के बेटे हैं। फिल्मी परिवार से होने के बावजूद उन्हें संघर्ष करना पड़ा। फरहान को बचपन से ही कला और क्रिएटिविटी का जुनून था। उन्होंने महज 17 साल की उम्र में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम शुरू कर दिया था। 1991 में उन्होंने फिल्म ‘लम्हे’ में असिस्टेंट डायरेक्टर की भूमिका निभाई। इसके बाद ‘हिमालय पुत्र’ में भी उन्होंने पर्दे के पीछे काम किया।

कॉलेज छोड़ा, फिर आया मुश्किल दौर
कुछ समय बाद फरहान की जिंदगी में ठहराव आ गया। वे कॉलेज ड्रॉपआउट थे और लंबे वक्त तक घर पर ही बैठे रहे। इसी दौरान उनकी मां हनी ईरानी ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई और साफ कहा कि अगर कुछ नहीं किया तो घर छोड़ना पड़ेगा। यही वह मोड़ था, जिसने फरहान को खुद से लड़ना सिखाया।
‘दिल चाहता है’ ने बदल दी तस्वीर
मां की डांट के बाद फरहान ने कलम उठाई और कहानी लिखना शुरू किया। इसी से जन्म हुआ फिल्म ‘दिल चाहता है’ का। यह फिल्म न सिर्फ सुपरहिट साबित हुई, बल्कि बॉलीवुड की सोच और युवाओं के सिनेमा देखने के नजरिये को पूरी तरह बदल दिया। फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला और फरहान अख्तर एक नई पहचान के साथ सामने आए।

निर्देशन से अभिनय तक का सफर
‘दिल चाहता है’ के बाद फरहान ने ‘लक्ष्य’ जैसी मजबूत फिल्म का निर्देशन किया। फिर उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। फिल्म ‘रॉक ऑन’ से फरहान ने बतौर अभिनेता और गायक दमदार शुरुआत की। इसके बाद ‘लक बाय चांस’, ‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’ और ‘भाग मिल्खा भाग’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया।
इंटरनेशनल सिनेमा तक पहुंच
फरहान अख्तर ने सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल सिनेमा में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। फिल्म ‘ब्राइड एंड प्रेजुडिस’ के साउंडट्रैक के जरिए उन्होंने हॉलीवुड से भी जुड़ाव बनाया। आज फरहान अख्तर उन कलाकारों में गिने जाते हैं, जिन्होंने मेहनत और हुनर के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई।





