बाराबंकी, 22 फरवरी 2026:
जिंदगी के कड़े इम्तेहान में कई पल आपको इतना कमजोर बना देते हैं कि जीवन की गाड़ी अनजाने रास्ते पर आ जाती है लेकिन उसी जगह मजबूत इरादे से लिये गए ठोस फैसले तकदीर भी बदल सकते है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया हाईस्कूल की छात्रा तौसीबा ने। पिता का रात में हार्ट अटैक से निधन हो गया लेकिन साल बर्बाद होने और तालीम हासिल करने की जिद लेकर वो आंखों में आंसुओं का समंदर भरकर कॉलेज गई, हाईस्कूल गृह विज्ञान का पेपर दिया। घर लौटी तो बुजुर्ग पिता को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
मामला जैदपुर कस्बे के मोहल्ला छेदा कटरा निवासी मोहम्मद हबीब (55) से जुड़ा है। उनका शुक्रवार रात हार्ट अटैक से इंतकाल हो गया। घर में अचानक आई इस दुखद खबर से पूरा परिवार सदमे में डूब गया और माहौल गमगीन हो गया। सब रो रहे थे और बेटी तौसीबा भी बिलख रही थी।
बेटी तौसीबा के सामने मुश्किल फैसला लेने का वक्त था क्योंकि पिता के इंतकाल के करीब छह घंटे बाद ही उसकी हाईस्कूल गृह विज्ञान की परीक्षा थी। परिवार गम में डूबा था, लेकिन तौसीबा के दिल में तूफान था। इससे जूझते हुए उसने हिम्मत दिखाई और अपने मजबूत इरादे घर वालों के सामने रखे।
सुबह पहली पाली में वह नूर मोहम्मद इंटर कॉलेज पहुंची और परीक्षा दी। हालात बेहद कठिन थे, मगर उसने पढ़ाई को प्राथमिकता दी। शायद उसके मन में यही ख्याल रहा कि अब तालीम ही उसके भविष्य का सहारा बनेगी। यही ताकत उसे परीक्षा केंद्र तक ले गया।
परीक्षा खत्म कर वह सीधे घर लौटी। इसके बाद ही परिजन व तमाम लोग मोहम्मद हबीब की मिट्टी को कब्रिस्तान के लिए लेकर रवाना हुए। तौसीबा का यह हौसला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। हबीब के पड़ोसी व गांव के लोगों के अलावा जिसने भी ये बात सुनी, उसने तौसीबा की हिम्मत और फैसले को सराहा।






