लखनऊ, 6 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। कम दृश्यता के कारण सड़क यातायात से लेकर रेल संचालन तक बाधित हो गया है। ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है और अधिकतर ट्रेनें अपने तय समय से घंटों देरी से चल रही हैं। राजधानी लखनऊ में भी सुबह के समय कोहरे की फुहारों ने ठंड बढ़ा दी है, जिससे सड़कों पर वाहनों की गति थम सी गई। आज लखनऊ आने-जाने वाली 17 उड़ानें घंटों लेट हैं।
कोहरे की वजह से रेल सेवाएं प्रभावित
घने कोहरे और प्रतिकूल मौसम के चलते सोमवार को रेल संचालन सामान्य नहीं हो सका। लखनऊ से होकर गुजरने वाली अधिकतर लंबी दूरी की ट्रेनें अपने तय समय से काफी देरी से चलीं। हालात इतने खराब रहे कि कुछ ट्रेनों को 8 घंटे से लेकर 15 घंटे तक की लेटलतीफी झेलनी पड़ी, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा और भारी असुविधा हुई। इसी क्रम में कारपोरेट श्रेणी की तेजस एक्सप्रेस भी देरी का शिकार रही। यह ट्रेन रविवार सुबह 6:10 बजे के बजाय 8:17 बजे लखनऊ जंक्शन से नई दिल्ली के लिए रवाना हुई और गंतव्य तक पहुंचने में लगभग 2 घंटे 51 मिनट देर से पहुंची। वापसी के दौरान भी नई दिल्ली से लखनऊ आने वाली तेजस एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब दो घंटे देरी से चली।

आसमान में फंसी उड़ानें
कोहरे का असर हवाई यातायात पर भी साफ नजर आया। राजधानी लखनऊ में लगातार दो सर्द सुबहों में दिल्ली से आ रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक ही उड़ान को बिना लैंडिंग किए वापस लौटना पड़ा। 2 और 4 जनवरी को यह विमान लखनऊ के ऊपर लंबे समय तक चक्कर लगाता रहा, लेकिन घने कोहरे के कारण सुरक्षित लैंडिंग संभव नहीं हो सकी। इन दोनों दिनों में विमान ने कुल 28 चक्कर लगाए और करीब 171 मिनट तक आसमान में मंडराता रहा।
रनवे दिखा नहीं, लौटना पड़ा दिल्ली
फ्लाइट नंबर IX2171, जो बोइंग 737 मैक्स 8 विमान से संचालित थी, 4 जनवरी को सुबह 5:51 बजे दिल्ली से रवाना हुई और 6:42 बजे लखनऊ एयरपोर्ट के ऊपर पहुंच गई। लेकिन लैंडिंग के समय रनवे पूरी तरह से कोहरे में ढका हुआ था। उस समय रनवे विजुअल रेंज केवल 125 मीटर दर्ज की गई, जबकि नियमों के अनुसार सुरक्षित लैंडिंग के लिए कम से कम 150 मीटर दृश्यता जरूरी होती है। हालात सुधरने की उम्मीद में विमान को 78 मिनट तक होल्डिंग में रखा गया, लेकिन मौसम में सुधार न होने पर सुबह 8:55 बजे विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली वापस उतार दिया गया।

हर साल सर्दियों में होती है समस्या
लखनऊ एयरपोर्ट पर सर्दियों के मौसम में कोहरे की समस्या हर साल देखने को मिलती है। दिसंबर और जनवरी के महीनों में कई बार दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे उड़ानों का संचालन प्रभावित होता है। एयरपोर्ट पर कैट थ्री इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम मौजूद होने के बावजूद न्यूनतम दृश्यता सीमा से नीचे उतरना संभव नहीं होता, जिससे यात्रियों को उड़ान रद्द या डायवर्ट होने की स्थिति का सामना करना पड़ता है।






